रायबरेली। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में खाद्य पदार्थों के नमूने अवमानक व मिथ्याछाप आने के बाद 14 मिलावटखोरों पर 1.95 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ ने मुकदमों की सुनवाई पूरी करते हुए मिलावटखोरों को एक माह के अंदर जुर्माने की राशि जमा करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर तहसील के माध्यम से भूराजस्व की भांति वसूली होगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने वर्ष 2020 और वर्ष 2021 में पनीर, खोवा, नमकीन, सरसों तेल, बरफी, बेसन, पापड़ आदि खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमा किया गया था। मुकदमों की सुनवाई पूरी करते हुए मिलावटखोरों पर अर्थदंड लगाया गया है।
रेंचो ब्रांड बीकानेरी पापड़ के विक्रेता व सत्य नगर निवासी संतोष कुमार पर 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। दरियापुर में खराब बरफी बेचने वाले राम सेवक पर 20 हजार और बेटे मनोज कुमार पर पांच हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
शहर के गुरुनानक नगर निवासी खाद्य कारोबारी भरमजीत पर 25 हजार, पुरवारा ऊंचाहार निवासी अजय कुमार मौर्या पर 25 हजार, द्रगपालगंज खीरों निवासी सुशील कुमार, शहर के शहजादा कोठी निवासी सुनील यादव पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। रघुनाथगंज खजूरगांव निवासी जितेंद्र सानेकर, खोवामंडी सलोन निवासी जमशेर पर भी 25-25 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
गल्ला मंडी लालगंज निवासी नफीस पर खराब नमकीन बेचने पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगा। गायत्री नगर ऊंचाहार निवासी रमाकांत वर्मा, बछरावां के रामपुर सुदौली निवासी सुरेश कुमार साहू पर 25-25 हजार, परशदेपुर निवासी छोटेलाल पर 10 हजार रुपये और आनंदनगर महराजगंज निवासी सुनील कुमार पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।