डलमऊ के पूरे बरगदहा मजरे कठगर निवासी गंगाचरन किसानी करता था। बीती 18
दिसंबर 2006 को वह खेत में पानी लगाए था। इसी दौरान सर्पदंश से उसकी मौत हो
गई। किसान बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का खाताधारक था। उसका किसान
क्रेडिट कार्ड भी बना था। इसके बावजूद किसान की मौत पर उसके परिवारीजनों को
कृषक दुर्घटना बीमा का लाभ नहीं दिया गया। किसान की पत्नी माधुरी अफसरों
से मिली तो उसे लौटा दिया गया। पीड़िता ने बैंक अधिकारियों की मनमानी की
शिकायत उपभोक्ता फोरम में की। फोरम के अध्यक्ष लालता प्रसाद पांडेय, सदस्य
शैलजा यादव व राजेंद्र प्रसाद मयंक ने मामले की सुनवाई की। इसमें बैंक
अफसरों की लापरवाही पाई गई। इस पर फोरम ने बैंक पर एक हजार रुपये का
जुर्माना लगाया है। साथ ही किसान की मृत्यु से भुगतान होने की तिथि तक 50
हजार रुपये की बीमा राशि पर आठ प्रतिशत ब्याज देने के आदेश दिए हैं।
पीड़िता को मुकदमे के खर्च के रूप में 500 रुपये अतिरिक्त देने को कहा गया
है।