राहुल गांधी के बाबा का ड्राइविंग लाइसेंस। स्रोत-सोशल मीडिया
रायबरेली। गांधी परिवार के लिए रायबरेली घर जैसा है, यही कारण है कि जब भी गांधी परिवार रायबरेली आता है तो उनको कुछ ऐसी चीजें भेंट की जाती हैं, जिसे देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता है। रायबरेली से गांधी परिवार का नाता 1950 से है। फिरोज गांधी ने रायबरेली को अपना घर बनाया था और इसके बाद यह रायबरेली परिवार के लिए राजनीतिक क्षेत्र से अधिक अपना घर सरीखा हो गया।
मंगलवार को राहुल गांधी को जब उनके बाबा का खोया हुआ ड्राइविंग लाइसेंस दिया गया तो अचरज से भर गए। बोले यह मेरे लिए अनमोल है। यह भी कहा कि जब भी रायबरेली आता हूं तो यहां से कोई न कोई तोहफा मिल जाता है जो मेरे दिल के बहुत करीब होता है।
मंगलवार को राजीव गांधी आईटीआई खेल मैदान में रायबरेली प्रीमियर लीग का सांसद को उद्घाटन करना था। इस दौरान समाजसेवी विकास सिंह ने उनको उनके बाबा फिरोज गांधी का खोया हुआ ड्राइविंग लाइसेंस भेंट किया। विकास बताते हैं कि उनके पिता को कई दशक पहले यह ड्राइविंग लाइसेंस मिला था, जिसे वह सहेज कर रखे हुए थे। उनके बाद विकास सिंह इसे संभाल रहे थे।
मंगलवार को जब पहली बार राहुल गांधी से मिलने का मौका मिला तो विकास सिंह ने राहुल गांधी को उनके बाबा का ड्राइविंग लाइसेंस सौंप दिया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि क्या वह इसे रख सकते हैं तो विकास सिंह ने कहा कि आपका की है। मैं तो आपकी धरोहर को संभाल कर रखे हुए था।
कुछ इस तरह बना ड्राइविंग लाइसेंस
ड्राइविंग लाइसेंस को लंदन काउंटी काउंसिल ने पास किया था। इसमें फिरोज गांधी का नाम फिरोज जहांगीर गांधी और पता 24 पार्लियामेंट हाउस एनडब्ल्यू तीन लिखा है। 20 सितंबर 1938 को यह जारी हुआ था और 19 दिसंबर 39 को उसका रिन्यूवल होना था। पांच रुपये में ड्राइविंग लाइसेंस बना था। यह एक प्रोविशनल ड्राइविंग लाइसेंस था। लाइसेंस का नंबर डीएल 8 ए/31859 है।