रायबरेली। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर सोमवार को कजरी तीज का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। विवाहित महिलाओं ने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा। इस दौरान सर्वेश्वर मंदिर, जगमोहनेश्वर महादेव मंदिर, पहलवान वीर बाबा शिव मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर पूजा-अर्चना में भाग लिया। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। नीमड़ी माता की पूजा का भी विशेष महत्व रहा। कई स्थानों पर सामूहिक व्रत कथा का आयोजन किया गया। महिलाओं ने लोकगीत गाए और झूला झूलने की परंपरा निभाई। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया।
आचार्य द्विवेदी नगर निवासी रविलता सिंह और सरिता सिंह ने बताया कि कजरी तीज पर महिलाएं सुबह स्नान कर सोलह शृंगार करती हैं। नीमड़ी माता को जल, रोली, अक्षत और दीपक अर्पित करने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। व्रत कथा का श्रवण भी इस दिन शुभ माना जाता है।
रन्नु शर्मा, प्रिय सिंह, राधा तिवारी और अंशु सिंह ने बताया कि कजरी तीज का व्रत पति की लंबी आयु के साथ संतान प्राप्ति और परिवार में सुख-शांति की कामना के लिए भी रखा जाता है।