राजकीय नलकूप नाकाम साबित हो रहे हैं। ऐसे में रबी फसलों की बोआई का कार्य काफी धीमा है। खासकर गेहूं की बोआई ठप सी है। हालात यही रहे तो इस बार लक्ष्य पूरा होना आसान नहीं होगा।
जिले की 251 नहरों, माइनरों और रजबहों में सिल्ट जमा है। साथ ही 380 में 35 नलकूप खराब पड़े हैं। शेष नलकूप कभी ऑपरेटर की लापरवाही से नहीं चलते तो कभी तकनीकी खराबी से बंद रहते हैं।
सिंचाई व्यवस्था बेपटरी होने का असर रबी की बोआई पर पड़ रहा है। 168342 हेक्टेयर के सापेक्ष 3230 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं बोआई हो सकी है। बोआई भी गत काफी धीमी है।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन मो. शमीम अब्बासी और नलकूप खंड के एक्सईएन मनोज कुमार का कहना है कि किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।