रायबरेली। राही के कलसहा मजरे सुलखियापुर में रविवार को किसानों ने बैठक कर मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का विरोध किया। किसानों ने सर्वसम्मति से जमीन देने से इन्कार करते हुए कहा कि अपनी भूमि बचाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। जरूरत पड़ने पर धरना-प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी।
किसानों ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण के लिए रायबरेली विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से पासापुर, खनुवा, सुलखियापुर और बेलाभेला में सैकड़ों किसानों की जमीन अधिग्रहण करने की तैयारी की जा रही है। कहा कि अधिग्रहण होने से कई परिवार भूमिहीन हो जाएंगे। खेती ही उनकी आय का मुख्य साधन है। जमीन चली गई तो परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
सुलखियापुर के रामनरेश, छेदीलाल, विनोद कुमार, वीरेंद्र कुमार, संजीत कुमार, रमेश कुमार, गजराज और जगदीश ने कहा कि उनकी आजीविका खेती पर निर्भर है। वहीं खनुवा के श्यामसुंदर, श्रीराम, रामकुमार, उदयराज और अयोध्या प्रसाद, बेलाभेला के सिंटू सिंह तथा पासापुर के लालता प्रसाद, सुनील और बद्री विशाल ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी पैतृक जमीन नहीं छोड़ेंगे। किसानों ने प्रशासन से भूमि अधिग्रहण की योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जमीन बचाने के लिए जरूरत पड़ने पर आंदोलन किया जाएगा।