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किसान की बेटी सौम्या ने हाईस्कूल में किया प्रदेश में टॉप

Sun, 15 May 2016 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
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रायबरेली में रविवार को हाईस्कूल परीक्षा में यूपी टॉप करने के बाद माता पिता के साथ सौम्या पटेल। - फोटो : अमर उजाला
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जिले की बेटियों ने यूपी बोर्ड की परीक्षा में इतिहास रच दिया है। हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र के सरावां गांव के रहने वाले किसान राजेश चंद्र की बेटी सौम्या पटेल ने 98.66 प्रतिशत अंक पाकर हाईस्कूल में प्रदेश में टॉप किया तो किराना दुकानदारों की बेटियों इकरा पुत्री मकबूल हसन व उमराह पुत्री महमूदुल हसन सिद्दकी ने 98.16 प्रतिशत बराबर अंक पाकर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया।
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हाईस्कूल की तीनों टॉपर विबग्योर पब्लिक स्कूल इंटर कॉलेज चंदौली की छात्रा हैं। इंटरमीडिएट की परीक्षा में भी जिले की बेटी व न्यू आदर्श इंटर कॉलेज मुराईबाग की छात्रा अमृता यादव ने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल करके प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है।

रिजल्ट आते ही स्टूडेंट्स में खुशी की लहर दौड़ गई। स्कूलों से लेकर घर तक खुशी का माहौल बन गया। प्रदेश में नाम रोशन करने वाली बेटियों का स्वागत करने के लिए हर कोई सामने आया। आर्थिक तंगी के बीच पढ़ाई करके प्रदेश की टॉपर बनी सौम्या का कहना है कि लड़कियों को आगे बढ़कर देश का भविष्य संवारना चाहिए।
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उसका सपना आईएएस बनकर देश की सेवा करना है। सौम्या का कहना है कि मेहनत और लगन के आगे आर्थिक तंगी और सारी बाधाएं अपने आप दूर हो जाती हैं। प्रदेश में दूसरे स्थान पर आई इकरा पुलिस अफसर और उमराह डॉक्टर बनाकर गरीबों की सेवा करना चाहती हैं।

इन बेटियों के लगन और मेहनत के आगे बाधाएं छोटी हो गईं। इंटर में प्रदेश में पांचवें स्थान पर आने वाली अमृता यादव न्यू आदर्श इंटर कॉलेज मुराईबाग स्कूल के प्रधानाचार्य राकेश यादव की बेटी हैं। वे आईएएस बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती हैं।

हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र के सरावां गांव की रहने वाली सौम्या बचपन से ही मेधावी रही। हर कक्षा में उसके अव्वल नंबर आते थे। जूनियर हाईस्कूल पास करने के बाद वह किसी अच्छे स्कूल में पढ़ना चाहती थी। मन की बात उसने अपने परिवारीजनों को भी बताई।

पहले तो उसके किसान पिता राजेशचंद्र कुछ हिचकिचाए, अंतत सौम्या की मुराद पूरी हुई। संयुक्त परिवार में जन्मी सौम्या के तीनों चाचा ने उसे अच्छे स्कूल में दाखिले का प्रबंध कर दिया। उसके पिता को भी परिवारीजनों की इच्छाओं के आगे झुकना पड़ा।

सामान्य परिवार में जन्मी सौम्या के पास स्कूल आने-जाने का कोई साधन भी नहीं था। अंतत उसे बुआ के यहां देदौर पढ़ने के लिए भेजा दिया गया। यहां उसके बुआ के गांव के पास चंदौली में विवग्योर स्कूल में उसका दाखिला करा दिया गया। पढ़ाई के साथ वह बुआ के घरेलू कार्य में हाथ बंटाती थी।

हालांकि उसकी बुआ उससे काम से अधिक पढ़ाई पर ध्यान देने की बात कहती थी। पर उसे मां सावित्री की यह नसीहत हमेशा याद रही कि बुआ के घर को अपना घर समझकर काम करती रहना।

घर के काम से फुर्सत पाकर सौम्या पढ़ाई में जुट जाती थी। सौम्या के मुताबिक वह सामान्य दिनों में पांच घंटे प्रतिदिन पढ़ाई करती थी। परीक्षा के दौरान उसका यह समय छह-सात घंटे हो गया था। सौम्या के मुताबिक स्कूल में पढ़ाए गए विषय को घर में वह दोहराती जरूर थी।

उसे मेरिट में आने की तो उम्मीद थी, लेकिन यूपी में टॉप करेगी उसे इस बात की कतई कल्पना नहीं थी। वह अपनी सफलता का श्रेय परिवारीजनों और गुरुजनों को देती है। परिवार के लोगों ने जहां उसका उत्साहवर्धन किया, वहीं गुरुओं ने उसकी हर समस्या का समाधान है। सौम्या का मानना है कि पढ़ाई को लेकर हमेशा गंभीर रहना चाहिए।

शहर के पटवन टोला में रहने वाली इकरा के पिता किराने की एक दुकान पर काम करते हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने के बाद भी बेटी की पढ़ाई में मकबूल व राजिया बेगम ने बेटी का हर तरह से सहयोेग किया। इकरा का कहना है कि पढ़ाई में मम्मी-पापा के साथ ही स्कूल में टीचरों ने पूरा सहयोग किया।

मम्मी-पापा ने कभी भी कोई कमी नहीं होने दी। बिजली नहीं रहने पर लैंप की रोशनी में इकरा ने पढ़ाई की। उसका कहना है कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत और लक्ष्य की जरूरत होती। बिना मेहनत के कोई मुकाम नहीं पाया जा सकता है।

बहन समरा व भाई मो. उमेर ने सहयोग किया है। पुलिस अफसर बनकर देश की सेवा करेंगे। पिता मकबूल व मां राजिया का कहना है कि बेटी के सपने को पूरा कराएंगे। उसे कोई कमी नहीं होने देंगें।

शहर के पटवन टोला में रहने वाली उमराह महमूद ने हाईस्कूल में 98.16 प्रतिशत अंक पाकर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया गया। विबग्योर इंटर कॉलेज चंदौली की छात्रा उमराह के पिता महमूदुल हसन कृषि विभाग में अकाउंट अफसर थे।

वे अब रिटायर्ड हो गए हैं। वर्तमान समय में घर पर ही किराने की दुकान चलाते हैं। उमराह का कहना है कि जिस समय उसे रिजल्ट की सूचना मिली, उस समय वह नमाज अदा कर रही थी। पांचों टाइम नमाज अदा करने के साथ ही पढ़ाई करते हैं।

उसका कहना है कि सरकारी अस्पताल में गरीब रोगियों का ठीक ढंग से इलाज नहीं हो पाता है। इसीलिए डॉक्टर बनकर गरीब लोगों का इलाज करेंगे। पिता महमूदुल का कहना है कि बेटी के कारण नाम रोशन हुआ है। बेटी के सपने को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।


न्यू आदर्श इंटर कॉलेज मुराईबाग की छात्रा अमृता यादव ने 97.4 प्रतिशत अंक पाकर इंटरमीडिएट में प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। उसने हाईस्कूल में 94.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। पिता राकेश यादव इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य हैं।

मां रीता सिंह ग्रहणी हैं। अमृता का कहना है कि उसे उम्मीद थी उसे अच्छे अंक मिलेंगे। घर में सभी लोगों ने पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। आशीर्वाद और मेहनत से ही सफलता मिली है। फैशन डिजाइनर बनने की तैयारी कर रहे हैं।
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