रायबरेली। नगर के एक निजी नर्सिंगहोम में एक मासूम को एक्सपायरी तारीख का टीका लगाने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिजन की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने पूरे मामले की जांच का निर्देश दिया है। इसके तहत ही सोमवार को एसीएमओ और औषधिनिरीक्षक की अलग अलग टीमों ने आरोपी निजी अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल शुरू की। हालांकि जांच कर रहे औषधि निरीक्षण का दावा है कि नर्सिंगहोम में संचालित मेडिकल स्टोर में मौजूद दवाओं की जांच पड़ताल में कोई भी एक्सपायरी डेट की दवाएं नहीं मिली हैं। जबकि एसीएमओ ने जांच रिपोर्ट सीएमओ को देने की बात कहते हुए चुप्पी साथे रखी। इस मामले में निजी नर्सिंग होम संचालक का पक्ष जानने का भी काफी प्रयास किया गया लेकिन वह बातचीत से बचता रहा।
बछरावां क्षेत्र के कसरावां गांव निवासी मानस तिवारी ने डीएम से शिकायत कर बताया था कि वह अपने 19 माह के बच्चे नमिष का टीकाकरण कराने के लिए 10 सितंबर को निजी नर्सिंग होम गया था। आरोप है कि बच्चे को तीन टीके लगाने के बाद जो स्टीकर टीकाकरण की फाइल में चस्पा किया गया उसे देखने पर पता चला कि बच्चे को लगाए गए टीके की दो डोज क्रमश: बीते अप्रैल और जून माह में एक्सपायरी हो चुकी थीं। इस संबंध में सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि एक निजी नर्सिंगहोम में मासूम को एक्सपायरी डेट का टीका लगाने के आरोप की जांच के लिए डीएम के आदेश पर एसीएमओ डॉ. अरुण वर्मा को भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही गड़बड़ी उजागर होेने पर आरोपी नर्सिंगहोम संचालक के खिलाफ कार्रवाई तय होगी।