रायबरेली। बाजार में पहले से ही मंदी का दौर चल रहा है। व्यापार चौपट है। चाहे फिर कपड़ा बाजार हो या फिर सराफा, सब्जी, किराना, कॉस्मेटिक, इलेक्ट्रॉनिक बाजार में सन्नाटा दिख रहा है। यूपी सरकार ने बिजली की कीमतें बढ़ा दी हैं।
इससे न सिर्फ लोगों पर महंगाई की मार पड़ेगी, बल्कि दुकानदार भी इससे प्रभावित होंगे। ‘अमर उजाला’ ने बुधवार को बिजली की कीमतें बढ़ाने को लेकर व्यापारियों, इलेक्ट्रॉनिक दुकानदारों, किसानों की राय जानी तो उन्होंने कहा कि यह फैसला ठीक नहीं है।
मंदी के दौर में बिजली की कीमतें बढ़ने से बाजार में महंगाई हावी होगी, जिससे परेशानी होगी। इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार मनोज द्विवेदी, चंद्रेश गुप्ता, अजित श्रीवास्तव, मित्तल चंदवानी कहते हैं कि बिजली की कीमतों में इजाफा करना सरकार का फैसला उचित नहीं है।
वैसे भी मंदी की वजह से व्यापार पहले जैसा नहीं रहा। त्योहार के सीजन में भी इस बार व्यापार की रफ्तार धीमी रही। इधर, बिजली के दाम बढ़ने से दुकानदारों की रोजी-रोटी पर असर होगा।
सरकार को चाहिए कि वह इलेक्ट्रॉनिक दुकानदारों की बेहतरी के लिए भी कार्य करे। बिजली व्यवस्था में भी सुधार की आवश्यकता है। व्यापारी प्रमोद वर्मा, आशुतोष मिश्रा, विनय दीक्षित, बाबू पाठक कहते हैं कि आए दिन बिजली के दाम में इजाफा कर दिया जाता है।
बावजूद बिजली सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं। भरपूर बिजली नहीं मिल पाती। कभी फाल्ट तो कभी अन्य वजह से बिजली गुल रहती है। बावजूद इसके बिजली का बिल मनमाने ढंग से वसूला जाता है।
कोई शिकायत भी करो तो ध्यान नहीं दिया जाता है। बिजली की कीमतें बढ़ाई जाएं तो जरूरत है कि सरकार सुविधाएं बढ़ाएं। बिजली के दाम बढ़ने से किसान भी खफा हैं।
जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के किसान जगतपुर गांव के किसान अमिताभ द्विवेदी, झाम सिंह का पुरवा गांव के बाबूलाल, खीरों गांव अफसर खां, उदवतपुर के किसान यादवेंद्र यादव कहते हैं कि इस बार बारिश कम हुई है।
धान की फसल को बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। पहले से ही खेती महंगी है। ऊपर से बिजली के दाम बढ़ाकर किसानों पर परेशानी का और बोझ बढ़ा दिया गया है। कम से कम सरकार को किसानों को ख्याल तो होना चाहिए था।