रायबरेली। डिग्री कॉलेजों में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दिलाने में महाविद्यालयों के संचालक की मनमानी पकड़ में आने के बाद वसूली के आदेश दिए गए, लेकिन अब तक पांच कॉलेजों ने ही 1.62 लाख रुपये लौटाए हैं। चार कॉलेज 2.28 लाख रुपये वापस करने में आनाकानी कर रहे हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनीता सिंह ने कॉलेजों क्रमश: राज नारायण मिश्रा डिग्री कॉलेज धूता, राजकली देवी महाविद्यालय लहेंगा छतोह, बाबू भीष्म सिंह इंस्टीट्यूट गोझरी व रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी महाविद्यालय अटौरा के संचालकों को तत्काल धनराशि वापस करने के आदेश दिए हैं।
ऐसा न करने पर तहसील के माध्यम से वसूली कराने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर हुई ऑडिट में यह मनमानी पकड़ में आने के बाद संबंधित छात्र-छात्राओं से डिग्री कॉलेजों के माध्यम से वसूली कराने के आदेश दिए गए थे।
आदेश के बाद कर्मयोगी डिग्री कॉलेज मुलिहाबाद ने 56,020 रुपये, कर्मयोगी डिग्री कॉलेज ऑफ हायर एजूकेशन ने 5700 रुपये, कंचन पॉलीटेक्निक मनेहरू ने 29,610 रुपये, महावीर सिंह डिग्री कॉलेज ने 13,800 और राना बेनी माधव वीरा पासी महाविद्यालय ने 67,420 रुपये वापस कर दिए हैं।