रायबरेली। दिवाली पर प्रदूषण रोकने के लिए लोगों में आई जागरूकता से हर साल प्रदूषण में कमी आ रही है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी दर्ज हुई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तीन जगह की मॉनीटरिंग करके आंकड़े जारी किए है। जिसमें ध्वनि और वायु प्रदूषण अभी भी सामान्य से ज्यादा है। सामान्य तौर पर ध्वनि प्रदूषण 45 से 55 डेसिबल के बीच होना चाहिए। इसी तरह वायु प्रदूषण 100 माईक्रोग्राम घन मीटर होना चाहिए।
दिवाली पर इस बार तेज आवाज और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की ब्रिकी पर रोक थी। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कम वायु प्रदूषण वाले ब्रांडेड ग्रीन पटाखों को बेचने की अनुमति दी गई थी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आवासीय क्षेत्र में इंदिरा नगर, व्यवसायिक क्षेत्र में खोया मंडी और औद्योगिक क्षेत्र में अमावां रोड के निकट वायु एवं ध्वनि व प्रदूषण मापक सेंटर पर माप की।। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिले आंकड़ों के मुताबिक इस बार दिवाली पर ध्वनि प्रदूषण 65 डेसिबल दर्ज किया गया। इसके पहले 52 डेसिबल था। इसी तरह वायु प्रदूषण 132 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकार्ड किया गया, जबकि दिवाली से पहले यह रिकार्ड 86 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था।
इंदिरा नगर में सबसे ज्यादा आमवां रोड में सबसे कम फोड़े गए पटाखे
दिवाली पर इंदिरा नगर, सुपरमार्केट, कचहरी रोड आचार्य द्विवेदी नगर में ज्यादा पटाखे फोडे़ गए। यहां पर ध्वनि और वायु प्रदूषण अधिक रहा। इसी तरह आमवां रोड व रतापुर समेत आसपास के मोहल्लों में कम पटाखे दगाए गए।
हर साल घट रहा ध्वनि व वायु प्रदूषण
वर्ष वायु प्रदूषण (एक्यूआई में) ध्वनि प्रदूषण (डेसिबल)
2018 259 79
2019 194 63
2020 155 60.20
2021 143 60
2022 132 52
दिवाली पर इस साल जिस तरह से आंकड़े आए हैं, उससे साफ है कि इस बार आतिशबाजी कम हुई है। मौसम भी साफ था। इसके साथ ही लोग जागरूक हो रहे हैं। जिस तरह लोगों में जागरूकता दिख रही है, उससे आने वाले समय में दिवाली पर प्रदूषण और कम होने की आशा है।
- प्रदीप कुमार विश्वकर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड