रेलवे अफसरों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण शनिवार सुबह रायबरेली रेलवे स्टेशन के पास शंटिंग के दौरान ट्रेन का एक इंजन बेपटरी हो गया। इससे रेल महकमे में हड़कंप मच गया। कई ट्रेनों का संचालन कुछ देर के प्रभावित रहा, जिससे मुसाफिर परेशान रहे।
खास बात ये है कि ट्रेनों के बेपटरी होने की सात माह में हुई यह तीसरी घटना है। लगातार हादसों के बाद भी विभागीय अफसर सबक लेने को तैयार नहीं है। लखनऊ से आई एआरटी ट्रेन ने इंजन को उठाकर पटरी पर रखा।
प्रतापगढ़ से एक मालगाड़ी गिट्टियां लेकर रायबरेली आई थी। इसे परियावां जाना था। इसलिए सुबह इसका इंजन निकालकर दूसरी तरफ लगाया जा रहा है। बताते हैं कि चालक इंजन ले जा रहा था, तभी डबल फाटक के पास अचानक इंजन पटरी से उतर गया।
इसकी सूचना मिली तो अफसरों के होश उड़ गए। एसएस एके श्रीवास्तव और यातायात निरीक्षक परवेज अहमद समेत अन्य अफसर और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इस घटना की वजह से सुबह गुजरने वाली कई ट्रेनों का संचालन कुछ देर के लिए प्रभावित रहा।
इससे यात्रियों को परेशानी हुई। आश्चर्य की बात ये है कि फरवरी से अगस्त के मध्य ट्रेन के इंजन या बोगी के बेपटरी होने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 12 फरवरी को एक ट्रेन की बोगी के कई चक्के पटरी से बाहर आ गए थे।
वहीं 18 जून को वॉशिंग लाइन पर ले जाते समय एक पैसेंजर ट्रेन का डिब्बा डेड इंड तो तोड़ते हुए पटरी से उतर गया था। इन दोनों ही घटनाओं में विभागीय अफसरों और कर्मचारियों की लापरवाही रही। कई लोगों पर कार्रवाई भी हुई, लेकिन इससे अफसरों ने कोई सबक नहीं लिया। इसी का नतीजा है कि शनिवार की सुबह संटिंग के दौरान इंजन पटरी से उतर गया।
रेलवे स्टेशन के यातायात निरीक्षक परवेज अहमद ने बताया कि प्रतापगढ़ से गिट्टी लेकर आई मालगाड़ी को परियावां जाना था। इसलिए उसके इंजन को दूसरी तरफ लगाया जा रहा था। शंटिंग के दौरान इंजन पटरी से उतर गया। फिर एआरटी ट्रेन से इंजन को पटरी पर चढ़ाया गया। मामले की जांच कराई जाएगी।