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अवैध निर्माण कराने वालों को राहत, भवनों को वैध करने के आदेश

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रायबरेली। शहर में अवैध भवनों को वैध करने के लिए लांच शमन-2020 को खारिज कर दिया गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर छह माह बाद आरडीए फिर से अवैध भवनों की कंपाउंडिंग करेगा। इसके लिए शासन से आदेश आ गए हैं। शमन उपविधि-2010 में दिए गए निर्देर्शों के आधार पर ही अवैध भवनों को वैध किया जाएगा।
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हालांकि हाईकोर्ट से स्टे के कारण आरडीए ने पिछले छह माह मेें एक भी भवन को कंपाउंड करके वैध नहीं किया है। 50 से अधिक भवनों की पत्रावलियां कंपाउंडिंग के लिए लंबित पड़ी हैं। अब आदेश आने के बाद अवैध भवनों को वैध करने का काम जल्द शुरू होने वाला है।
शहर में अवैध भवनों के निर्माण का काम धड़ल्ले से चल रहा है, लेकिन कोरोना के कहर के कारण लोग अवैध भवनों की कंपाउंडिंग नहीं करवा रहे थे। इससे आरडीए को काफी नुकसान हो रहा था। आरडीए ने अवैध भवनों को वैध करने के लिए होने वाली कंपाउंडिंग शुल्कों में भारी कटौती करते हुए शमन-2020 जारी किया था। इसमें 50 प्रतिशत धनराशि जमा करके भवन को वैध कराया जा सकता था।
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जमीन पर बने 85 प्रतिशत निर्माण को वैध करने का निर्णय लिया गया था। अतिरिक्त भाग के बदले भवन मालिक को सर्किल रेट की 50 प्रतिशत धनराशि जमा करनी थी। भवन के फ्रंट में डेढ़ मीटर कवर करके कंपाउंडिंग की व्यवस्था की गई थी।
सितंबर माह में शमन-2020 पर काम शुरू किया गया था, लेकिन मामला हाईकोर्ट, प्रयागराज पहुंचने के बाद कंपाउंडिंग को स्थगित कर दिया गया था। अब हाईकोर्ट ने शमन-2020 को खारिज करके पुराने नियमों पर ही कंपाउंडिंग के आदेश दिए हैं।
मामले में शासन से कंपाउंडिंग के संबंध में आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। पुरानी व्यवस्था के हिसाब से 300 वर्गमीटर में फ्रंट पर तीन मीटर जगह छोड़नी अनिवार्य हो गया है। कुल जमीन के 65 प्रतिशत भाग पर हुए निर्माण की ही कंपाउंडिंग हो सकेगी। भवन के आगे के अवैध भाग पर 100 प्रतिशत, पीछे के भाग पर 75 प्रतिशत और अगल-बगल के अवैध भाग पर 50 प्रतिशत शमन शुल्क जमा करना होगा।
शमन-2020 को खारिज कर दिया गया है। अब पहले की ही तरह भवनों की कंपाउंडिंग होगी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासन से निर्देश आ गए हैं। अवैध भवनों की कंपाउंडिंग का काम शुरू करने के निर्देश प्रवर्तन से अवर अभियंताओं को दिए गए हैं।
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बीपी मौर्या, सचिव, आरडीए
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