डलमऊ (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को करंट लगने से पिता-पुत्र की मौत हो गई। यह हादसा पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही से हुआ। बताते हैं कि गांव में बल्लियों पर बिजली के तार दौड़ रहे थे। टूटी बल्ली को सही करते समय पहले बेटे फिर उसे बचाने में पिता करंट की चपेट में आ गया। इससे दोनों की मौत हो गई।
जहांगीराबाद गांव में लालगंज विद्युत उपकेंद्र से बिजली की सप्लाई होती है। गांव निवासी रामखेलावन के घर कनेक्शन दिया गया था, लेकिन दूरी अधिक होने के बावजूद बिजली का खंभा नहीं लगाया गया था। बल्लियों में बांधकर बिजली का केबल घर तक ले जाया गया था।
बताते हैं कि बरसात में बल्ली टूट गई थी। इसी बल्ली को शनिवार को रामखेलावन (20) सही कर रहा था। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। बेटे को बचाने गया पिता अयोध्या प्रसाद (50) भी चपेट में आ गया। इससे दोनों झुलस गए। ग्रामीणों की मदद से दोनों को सीएचसी डलमऊ ले जाया गया, जहां चिकित्सक संजीव राय ने पिता-पुत्र को मृत घोषित कर दिया।
ग्राम प्रधान पूती तिवारी ने बताया कि दो साल से गांव में लगे बिजली के खंभे टूट गए थे। पावर कॉर्पोरेशन के अफसरों से पोल लगवाने के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस वजह से रामखेलावन के घर बिजली का केबल बांस-बल्ली के सहारे घर तक खींचा गया था।
बारिश में टूटी बल्ली को सही करते समय यह हादसा हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि कहीं पर केबल कटी रही होगी, तभी बल्ली में करंट आ गया होगा। कोतवाल पंकज तिवारी ने बताया कि दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। परिजनों की ओर से तहरीर मिलेगी तो केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पिता के साथ घर के काम में हाथ बंटाता था रामखेलावन
एक साथ पिता-पुत्र की मौत से हर किसी की आंखें नम हैं। रामखेलावन छह भाइयों में पांचवें नंबर पर था। उसके भाई बाहर मजदूरी करते हैं। वह पिता के साथ खेती में काम बंटने के साथ मजदूरी भी करता था। पिता-पुत्र की मौत से घरवालों का रो-रोकर हाल बेहाल है। तहसीलदार उमेशचंद्र ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है।
सर्विस केबल कटी थी, जिसके चपेट में आने से हुई मौत
घर तक जाने वाली सर्विस केबल कटी थी। केबल को बल्लियों के सहारे ले जाया गया था। बल्ली को ठीक करते समय करंट लगने से पिता-पुत्र की मौत हुई है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय की जांच के बाद परिवार को सरकारी मदद दिलाई जाएगी।
-दीपक कुमार गुप्ता, एक्सईएन, लालगंज