रायबरेली। पंचायत उपचुनाव की मतगणना के साथ ही जिले की 348 गांवों के विकास का रास्ता खुल जाएगा। 3406 ग्राम पंचायत सदस्यों के पद खाली रह जाने के कारण संबंधित ग्राम पंचायतों में नई सरकार का गठन नहीं हो पाया था।
ग्राम पंचायत सदस्यों का कोरम पूरा न होने के कारण इन पंचायतों में निर्वाचित प्रधानों को शपथ नहीं दिलाई गई। ऐसी स्थिति में इन पंचायतों में विकास का पहिया थमा हुआ है। मतगणना के बाद जल्द ही प्रधानों के शपथ ग्रहण के बाद इन पंचायतों में भी विकास कार्य आरंभ हो जाएंगे।
बीती दो मई को मतगणना हुई थी। जिले की सभी 988 ग्राम पंचायतों की मतगणना के बाद प्रधान निर्वाचित घोषित किए गए। इसमें छह निर्वाचित प्रधानों की मौत हो गई थी।
बीती 25 व 26 मई को प्रधानों को शपथ दिलाई गई थी। जिन ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्य पदों का दो तिहाई का कोरम पूरा नहीं हो सका है, उन पंचायतों के प्रधानों को शपथ नहीं दिलाई गई।
जिले की ऐसी 248 ग्राम पंचायतों में प्रधान शपथ नहीं ले पाए थे। सिर्फ 640 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को शपथ दिलाकर नई सरकार का गठन कराया गया था।
ग्राम पंचायतों में सदस्यों के कोरम को पूरा करवाने के लिए गत 12 जून को मतदान हुआ है। ग्राम पंचायतों के 3406 पदों में 372 पर मतदान हुआ था। शेष ग्राम पंचायत सदस्य पदों पर निर्विरोध निर्वाचन प्रमाणपत्र मतगणना के बाद 14 जून को दिया जाएगा।
ग्राम पंचायतों में सदस्यों का कोरम पूरा होने के बाद जल्द ही शासन से तारीख तय होने के बाद शेष गांवों में भी नई सरकार का गठन हो जाएगा। जिसके बाद संबंधित गांवों में विकास कार्य आरंभ हो जाएंगे।