रायबरेली। बालिकाओं को सशक्त बनाने के मकसद से उन्हें आत्मरक्षा का गुर सिखाया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षकों की चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कराटे के ब्लैक बेल्ट धारक प्रशिक्षकों से जल्दी ही आवेदन मांगे जाएंगे, ताकि इसी महीने के अंत तक प्रशिक्षकों का चयन कर उन्हें विद्यालय आवंटित किए जा सके। जुलाई से प्रशिक्षण शुरू होगा, जो तीन महीने तक चलेगा। इससे विद्यालयों में पढ़ने वाली आठ हजार से अधिक बालिकाएं लाभान्वित होंगी।
जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग से 45 राजकीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें चार विद्यालय पीएमश्री के रूप में चयनित हैं। पीएमश्री में चयनित विद्यालयों को छोड़कर बाकी 41 राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जुलाई से प्रशिक्षण की शुरुआत होगी। तीन महीने तक चलने वाले प्रशिक्षण में बालिकाओँ को मार्शल आर्ट की विभिन्न विधाओं की बारीकियां सिखाई जाएंगी। निरंतर अभ्यास भी कराया जाएगा, ताकि बालिकाएं सशक्त और निडर बन सकें। विषम परिस्थितियों में घबराने के बजाए उनका मुकाबला करना सीख सकें।
समग्र शिक्षा-माध्यमिक के जिला समन्वयक इरफान अहमद ने बताया कि जुलाई से शुरू होने वाले तीन महीने के आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षकों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन मांगे जाने के लिए एक-दो दिन में विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी। ब्लैक बेल्ट योग्यता वाले 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे जाएंगे। जिले के 41 विद्यालयों में आठ हजार बालिकाओं को प्रशिक्षण देना है। अभ्यर्थियों की संख्या और उनकी योग्यता के आधार पर विद्यालय आवंटित किए जाएंगे। प्रत्येक विद्यालय में एक प्रशिक्षक का चयन किया जाना है।