रायबरेली। करीब 11 महीने बाद जूनियर हाईस्कूलों में कक्षाएं शुरू होंगी और बच्चों की रौनक दिखेगी। शासन के निर्णय के बाद अभिभावकों में जहां बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर उत्साह है, वहीं अध्यापकों और स्कूल संचालक भी खुश हैं।
ज्यादातर विद्यालयों ने कोविड-19 को देखते हुए पहले से ही तैयारी पूरी कर ली थी। बाकी विद्यालय भी कोरोना संक्रमण को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की तैयारी कर रहे हैं।
10 फरवरी से जिले में बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित 600 से अधिक परिषदीय विद्यालयों, लगभग 200 निजी विद्यालयों तथा 300 से अधिक माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए मार्च 2020 में लॉकडाउन लगा तो स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए थे। ऑनलाइन पढ़ाई के साथ अन्य विकल्प अपनाए गए।
पहली मार्च से प्राइमरी में भी चलेंगी कक्षाएं
जूनियर हाईस्कूलों के बाद प्राइमरी की कक्षाएं भी पहली मार्च से शुरू हो जाएंगी। अपर मुख्य सचिव की ओर से शुक्रवार को जारी हुए आदेश में कहा गया है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कक्षा छह से आठ तक के बच्चों का शिक्षण कार्य 10 फरवरी से शुरू होगा, जबकि कक्षा एक से पांच तक के बच्चों का शिक्षण कार्य एक मार्च से शुरू किया जाएगा।
बच्चों की सुरक्षा के लिए कर रहे हैं सारे इंतजाम
विद्यालयों में कक्षाएं शुरू किए जाने के आदेश से प्रधानाध्यापक तैयारियां पूरी करने में जुटे हैं। सलोन विकास क्षेत्र के खमरिया पूरे कुशल स्थित कंपोजिट विद्यालय के अनिल कुमार पांडेय ने कहा कि विद्यालय को सैनिटाइजेशन करा दिया गया है। छतोह विकास क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय कांटा के बलराम यादव ने बताया कि सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों के प्रधानाचार्य अनिल कुमार और ज्ञानप्रकाश सिंह ने कहा कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अभिभावकों के सहमति पत्र लेने के बाद बच्चों की कक्षाएं शुरू की जाएंगी।
अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। खीरों विकास क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय लोदीपुर के रविशंकर और जगतपुर विकास क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय रोझइया भीखमशाह के दीपक कुमार ने बताया कि सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा। शिवगढ़ विकास क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बैंती के श्याम बिहारी ने कहा कि भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू होने से पढ़ाई पटरी पर लौटेगी।
ज्यादातर अभिभावक बोले, हम बच्चों को भेजेेंगे स्कूल
ज्यादातर अभिभावकों ने कहा कि वे बच्चों को स्कूल जरूर भेजेंगे, क्योंकि बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हुई है। सलोन क्षेत्र के अभिभावक रामराज सिंह और मंजू देवी का कहना है कि स्कूल खोलने का फैसला बच्चों के हित में है। वे बच्चों को जरूरत स्कूल भेजेंगे।
जगतपुर क्षेत्र के पूरे तिवारी निवासी रामप्रकाश और पूरे सेमान सिंह निवासी संदीप कुमार ने कहा कि विद्यालय खुलने के फैसले से खुशी मिली है। सभी नियमों को ध्यान में रखते हुए बच्चों को स्कूल भेजेंगे। छतोह विकास क्षेत्र के निनावां निवासी धीरेंद्र सिंह और अजय मिश्र ने कहा कि आनलाइन पढ़ाई में दिक्कतें आ रही थीं। स्कूल खुलने के फैसले से खुशी मिली है। बच्चे स्कूल जाएंगे तो उनकी पढ़ाई पटरी पर लौट सकेगी। मास्क और सैनिटाइजर के साथ बच्चों को स्कूल जरूर भेजेंगे। शिवगढ़ क्षेत्र के बैंती निवासी रामधन और राजाराम ने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है।
आदेश मिल गया, हो रही तैयारियां
स्कूलों में बच्चों को बुलाए जाने के संबंध में आदेश मिल गया है। जूनियर हाईस्कूलों में 10 फरवरी से और प्राइमरी स्कूलों में 1 मार्च से बच्चों को आने की अनुमति दी गई है। परिषदीय विद्यालयों में अध्यापक जुलाई से ही उपस्थित हो रहे हैं। शासन के निर्देशों के अनुरूप अब बच्चों की उपस्थिति भी रहेगी और पठन-पाठन पर जोर दिया जाएगा।
-आनंद प्रकाश शर्मा, बीएसए