महिला आपूर्ति निरीक्षक से अभद्र व्यवहार करने के मामले में खाद्य आयुक्त अजय चौहान ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। यहां पर तैनात जिला आपूर्ति अधिकारी वीआर अहिरवार को हटाकर संयुक्त आयुक्त लखनऊ मंडल संबद्ध कर दिया है।
महिला आपूर्ति निरीक्षक चंदा गुप्ता पहले ही निलंबित हो चुकी है। वर्तमान में हरदोई जिले में तैनात हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी वीआर अहिरवार पर शहर में तैनात रही आपूर्ति निरीक्षक चंदा गुप्ता ने अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया था।
वहीं कुछ कोटेदारों ने आपूर्ति निरीक्षक पर अवैध वसूली की शिकायत की थी। दोनों ही मामलों की जांच करने बीती 22 सितंबर को संयुक्त आयुक्त खाद्य लखनऊ मंडल दिलीप कुमार गुप्ता डीएसओ कार्यालय आए थे।
कोटेदारों के साथ आपूर्ति निरीक्षक के भी बयान दर्ज किए थे। इस दौरान कोटेदार और आपूर्ति निरीक्षक के बाद कहासुनी भी हो गई थी। इसकी दोनों पक्ष से तहरीर कोतवाली में दी गई।
आपूर्ति निरीक्षक का आरोप है कि उन पर आरोप गलत लगाए गए हैं।
वहीं जिला आपूर्ति अधिकारी वीआर अहिरवार उनके साथ कई बार अभद्र व्यवहार भी किया। संयुक्त आयुक्त खाद्य दिलीप कुमार गुप्ता की जांच रिपोर्ट के बाद खाद्य एवं रसद आयुक्त अजय चौहान ने डीएसओ को संयुक्त आयुक्त कार्यालय लखनऊ मंडल से संबद्ध कर दिया है। आयुक्त की कार्रवाई से डीएसओ कार्यालय में हड़कंप मचा है।
उधर, मुख्यालय संबद्ध किए गए डीएसओ वीआर अहिरवार का कहना है कि आपूर्ति निरीक्षक ने जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह पूरी तरह से झूठे हैं। उन पर कोटेदार ने अवैध वसूली की शिकायत की थी। इसी संबंध में उन्हें निलंबित भी किया जा चुका है। द्वेष भावनावश आरोप लगाया गया है। जांच के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा।
आयुक्त ने जिला आपूर्ति अधिकारी वीआर अहिरवार को मुख्यालय संबद्ध कर दिया है। वहीं उनकी जगह अंशिका दीक्षित को तैनात किया है। शुक्रवार की देर शाम तक कार्यालय में कर्मचारी उनका इंतजार करते रहे। बाद में पता चला कि वह शनिवार को जॉइन करेंगी।
इसके अलावा एक अन्य मामले में डलमऊ सीएचसी में चिकित्सक की लापरवाही से महिला की मौत के मामले में सीएमआे डॉ. राकेश कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। सीएचसी अधीक्षक को न सिर्फ मामले की जांच के आदेश दिए हैं, बल्कि ड्यूटी छोड़कर जाने वाले ईएमओ से जवाब तलब भी किया है।
सीएचसी डलमऊ में गुरुवार को इमरजेंसी ड्यूटी छोड़कर डॉ. संजीव कुमार जिला मुख्यालय मीटिंग में शामिल होने गए थे। इसी दौरान बुखार से पीड़ित महिला बिटाना को लाया गया था। यहां पर उसका प्रारंभिक इलाज हुआ। इसके बाद हालत ज्यादा बिगड़ी तो उसे कोई देखने वाला नहीं था।
बताते हैं कि इलाज के अभाव में महिला की मौत हो र्गई थी। इस लापरवाही पर सीएमओ ने कहा कि सीएचसी अधीक्षक डॉ. विनोद चौहान को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, ड्यूटी से गायब रहने वाले ईएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है।