रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अस्पताल में शनिवार को मेडिकल स्टोर संचालक की मौत के बाद साथियों का गुस्सा भड़क गया। एम्स में पहुंचकर व्यापारियों ने धरना शुरू कर दिया। एम्स के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। जूनियर डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। व्यवस्था में सुधार न आने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
शनिवार को श्याम मेडिकल स्टोर के संचालक श्याम द्विवेदी घर पर फिसल कर गिर गए आननफानन में उन्हें गंभीर हालत में एम्स अस्पताल के इमरजेंसी में ले जाया गया। आरोप है कि वहां मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने उचित इलाज नहीं दिया, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने शव परिजनों को न देकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इससे परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही एम्स व्यापार मंडल के अध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिवेदी मौके पर पहुंचे। उन्होंने एम्स के डॉक्टरों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए धरना शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद जब शव परिजनों को सौंपा गया, तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि एम्स के इमरजेंसी में इस तरह की घटनाएं आए दिन होती रहती हैं। उन्होंने पहले भी डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को ज्ञापन के माध्यम से अस्पताल की बदतर व्यवस्था से अवगत कराया था, लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो एक दिन पूरे रायबरेली का व्यापारी धरने पर बैठने पर विवश हो जाएगा।
एम्स के अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि मरीज को गंभीर हालत में लाया गया था। इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। हालत नाजुक होने के कारण मौत हुई है।