रायबरेली। फाफामऊ-उन्नाव रेल लाइन का दोहरीकरण कार्य फरवरी से शुरू होगा। इस जिले भीतर 60 किमी रेल मार्ग पर दूसरा नया ट्रैक बिछेगा। ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज समेत रास्ते के सभी रेलवे स्टेशनों की हालत सुधरेगी। उनका कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए खाका तैयार कर लिया गया है।
तीन हिस्सों में काम कराने की तैयारी है, ताकि जल्द से जल्द दोहरीकरण पूरा कराया जा सके। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने बृहस्पतिवार को फाफामऊ से ऊंचाहार तक निरीक्षण के दौरान दोहरीकरण के बारे में भी जानकारी ली। वित्तीय वर्ष 2023-24 में फाफामऊ-उन्नाव रेल लाइन के दोहरीकरण को बजट में स्वीकृति मिली थी, जिसके लिए 1600 करोड़ रुपये बजट तय हुआ।
पहली किश्त के रूप में उसी समय 50 करोड़ रुपये दिए गए थे, ताकि सर्वे कार्य समेत विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा सके। फाफामऊ-उन्नाव रेल लाइन पर पहले से बिछे रेलवे ट्रैक के बगल में करीब 200 किमी. का दूसरा नया ट्रैक बनेगा। इसमें 60 किमी. रेलवे ट्रैक रायबरेली जिले के अंतर्गत आता है।
दोहरीकरण के दौरान जिले के 11 रेलवे स्टेशन भी संवरेंगे, जिनमें ऊंचाहार, लालगंज और डलमऊ जैसे बड़े स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा अरखा, ईश्वरदासपुर, मंझलेपुर, जलालपुर धई, बरारा बुजुर्ग, बहाई, निहस्था, रघुराज सिंह जैसे छोटे स्टेशन और हाल्ट भी हैं।
रेलवे महाप्रबंधक का कहना है कि सब कुछ फाइनल हो चुका है। चार महीने बाद दोहरीकरण कार्य शुरू हो जाएगा। तीन पार्ट में काम कराया जाएगा, जिससे जल्द काम पूरा कर सकेंगे।
ऊंचाहार में बनेंगे 24 कर्मचारी आवास
रायबरेली। ऊंचाहार रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों के आवास की बड़ी समस्या है। काॅलोनी की हालत अच्छी नहीं है। रेलवे महाप्रबंधक ने बताया कि ऊंचाहार में 24 नए आवास बनने हैं, जिनमें 12 आवासों का निर्माण कराया जा चुका है। इन आवासों में कर्मचारियों को अगले महीने से शिफ्ट कराना शुरू कर देंगे। नए आवास बनने और कर्मचारियों को शिफ्ट कराने के बाद पुरानी कॉलोनी को ध्वस्त करा देंगे।