रायबरेली। दिवाली पर आतिशबाजी की दुकानें लगाने के लिए बुधवार से लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू हो गई। शहर में चार स्थानों पर तीन दिन के लिए पटाखा दुकानें लगेंगी। अस्थायी दुकान का लाइसेंस लेने के लिए बुधवार सुबह सात बजे से ही लोगों की लाइन लग गई।
कलेक्ट्रेट स्थित सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय के बाहर पुलिस की मौजूदगी में फॉर्म के लिए गहमागहमी रही। 200 लोगों को लाइसेंस के लिए फॉर्म दिए गए। तमाम लोग बिना फॉर्म लिए ही लौट गए हैं। बुधवार शाम से अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन जमा करने का काम शुरू हो गया।
दिवाली से पहले 22 अक्तूबर से तीन दिन के लिए पटाखा की दुकानें शहर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान, गोराबाजार मैदान, आईटीआई मैदान और मुंशीगंज स्थित मैदान में लगेंगी। प्रत्येक स्थान पर 50-50 दुकानें लगाई जाएंगी। प्रत्येक स्थल के लिए बुधवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट पल्लवी मिश्रा ने अपने सामने 200 फॉर्म बंटवाए। फॉर्म लेने के लिए सुबह सात बजे से ही सिटी मजिस्ट्रेट के न्यायालय के बाहर लोगों की लंबी लाइन लग गई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कोतवाली पुलिस को बुलाना पड़ा। शाम को अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन जमा करने का काम शुरू हो गया।
सिंगल विंडो सिस्टम से मिलेगा अस्थायी लाइसेंस
सिटी मजिस्ट्रेट पल्लवी मिश्रा ने बताया कि अस्थायी पटाखा दुकान के लिए फॉर्म लेने वाले लोगों की सुविधा के लिए इस बार भी सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। बताया कि दुकानदारों को आवेदन को भरकर काउंटर पर जमा करना होगा। आवेदनों पर पुलिस, फायर व अन्य विभागों की रिपोर्ट प्रशासन की ओर से लगवाया जाएगा। इसके लिए आवेदकों को भटकना नहीं पड़ेगा। प्रत्येक स्थल के लिए 50-50 पटाखा दुकानों के लिए अस्थाई लाइसेंस तीन दिनों के लिए दिया जाएगा।
दिवाली पर शहर में चार स्थानों पर पटाखे की 50-50 दुकानें लगेंगी। 200 आवेदन दिए गए हैं। आवेदन जमा कराए जा रहे हैं। सारी औपचारिकताएं पूरी कराकर लाइसेेंस जारी किए जाएंगे। दुकानदार को शत-प्रतिशत मानकों का पालन करना होगा। निरीक्षण में खामियां मिलने पर दुकानें बंद करा दी जाएंगी।
पल्लवी मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट