जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने को लेकर चल रहा घमासान अब अंतिम मोड़ पर आ गया है। शनिवार को अध्यक्ष की कुर्सी पर कौन काबिज होगा, इसका फैसला हो जाएगा। पहले अविश्वास पर चर्चा होगी और फिर डीडीसी सदस्यों की वोटिंग कराई जाएगी। कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए डीडीसी सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए गोटियां बिछाई जा रही हैं। मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे।
मौजूदा समय में जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह की कार्यशैली से खफा होकर 52 में से 32 जिला पंचायत सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव डीएम को सौंपा था। इस पर डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान करने की तिथि 15 अप्रैल तय कर दी थी। शनिवार को जिला पंचायत सभागार में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होने के साथ वोटिंग कराई जाएगी।
डीएम अनुज कुमार झा का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग कराने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शनिवार को जिला पंचायत सभागार में जिला न्यायाधीश या फिर उनके अधिनस्थ दीवानी न्यायिक अधिकारी मौजूद रहेंगे।
डीएम ने बताया कि 15 अप्रैल को होने वाली बैठक में जिला पंचायत सदस्यों को मतदान के लिए निर्वाचन प्रमाण पत्र तथा एक पहचान पत्र लाना जरूरी है। बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के तुरंत बाद मतदान होगा और अपरान्ह तीन बजे से मतगणना होगी। उन्होंने बताया कि जो जिला पंचायत सदस्य तीन बजे तक जिला पंचायत सभागार में मौजूद रहेगा, उसे ही वोटिंग का मौके मिलेगा।
डीडीसी सदस्य अपना मत स्वयं ही डाल सकेंगे। सहायक या फिर साथी के संबंध में निर्णय पीठासीन अधिकारी की ओर से किया जाएगा। डीडीसी सदस्यों की ओर से मत देेने के लिए मतपत्र के मतांकन कालम में सही का निशान लगाएंगे। मतदाता मतदान के लिए पीठासीन अधिकारी की ओर से उपलब्ध कराए गए बैगनी रंग के स्कैच पेन का ही प्रयोग करेंगे। मतदान कक्ष में मोबाइल ले जाना वर्जित रहेगा।
हर किसी की जुबां पर यही सवाल है कि क्या इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने का मंसूबा सफल हो पाएगा। जब सुमन सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष थी, तब भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन उनकी कुर्सी डगमगाई नहीं थी। अब अवधेश सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष हैं तो फिर अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 15 अप्रैल की तारीख तय कर दी गई है। देखना ये है कि इस बार क्या नया गुल खिल पाता है कि नहीं।