डीह (रायबरेली)। कमालपुर बडैला गांव में गुरुवार को चुनावी रंजिश में बवाल हो गया। जीती महिला प्रधान और हारी प्रधान और उनके समर्थकों के बीच लाठी-डंडे व ईंट-पत्थर चले। इसमें दोनों तरफ से 18 लोग घायल हो गए।
इनमें आठ की हालत गंभीर है। इन लोगों को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद गांव में भगदड़ मच गई। सूचना पर थानेदार ने पहुंचकर स्थिति संभाली। पुलिस पड़ताल कर रही है।
डीह ब्लॉक की ग्राम पंचायत कमालपुर बडैला में इस बार सुमन प्रधान चुनी गईं हैं। वह सुबह अपने कुछ समर्थकों के साथ गांव के बाहर स्थित गोसाईं बाबा मंदिर गईं थीं।
वापस आते समय गांव के पास हारी प्रधान पद प्रत्याशी सुखरानी के समर्थकों के बीच मामूली कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। दोनों पक्षों में जमकर लाठियां एवं ईंट-पत्थर चले, जिससे गांव में अफरातफरी मच गई।
मारपीट में जीते प्रधान सुमन पक्ष के मो. हयात, सैय्याद, रिंकू, पंकज, नइमुननिशा, उम्मतुननिशा घायल हो गए। हारे प्रधान प्रत्याशी सुखरानी के पक्ष से मइका, श्याम कुमार, भारत लाल, ऊदल, श्यामू, रामू, मोहनलाल, हरीलाल, सुनील, जियालाल, व प्रीती समेत 12 लोग घायल हो गए।
पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी डीह भेजा है, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल ऊदल, भारत लाल, मोहन लाल, हरिलाल, शिवदर्शन, नइमुननिशा, सैय्याद, उम्मतुननिशा को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। थानाध्यक्ष राकेश सिंह यादव का कहना है कि चुनावी रंजिश में विवाद हुआ है। तहरीर मिली हैं। रिपोर्ट लिखी जा रही है।
पुलिस नहीं चेती तो कभी भी हो सकती है बड़ी घटना
डीह पुलिस ने यदि घटनाओं को लेकर सतर्कता नहीं दिखाई तो चुनावी रंजिश को लेकर कोई बड़ी घटना हो सकती है। पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद हर दिन क्षेत्र में किसी न किसी गांव में चुनावी रंजिश को लेकर बवाल हो रहा है।
थानेदार और उनके मातहतों की ढिलाई घटनाओं की वजह बन रही हैं। कहा जा रहा है कि विवाद की जानकारी आने के बाद भी मामले में सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। मंगलवार की रात किशुनपुर मजरे बरुवा गांव में चुनावी रंजिश को लेकर बवाल हो गया था। कई थानों की पुलिस बल पहुंचा था तो स्थिति संभली थी। यह विवाद थमा नहीं था कि गुरुवार की सुबह कमालपुर बडैला गांव में चुनावी रंजिश को लेकर खूनी संघर्ष हो गया।