फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीआईओएस-शिक्षक नेता में मारपीट, तीन जख्मी

विज्ञापन
रायबरेली में सोमवार को डीआईओएस कार्यालय में हुई मारपीट के बाद कोतवाली में लगा मजमा। - फोटो : RAIBARAILY
विज्ञापन
रायबरेली। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय सोमवार की सुबह युद्ध का मैदान बन गया। डीआईओएस और शिक्षक नेता में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। डीआईओएस की पिटाई से गुस्साए कर्मचारियों ने शिक्षक नेता के चालक को बंधक बनाकर जमकर पीटा, जबकि नेता जान बचाकर भाग गया। कर्मचारियों ने वीडियो बना रहे एक स्टाफ को भी खूब धुना। घटना से गुस्साए कर्मचारियों ने दफ्तर में ताला लगा दिया और डीआईओएस के साथ कोतवाली पहुंच गए। दूसरे पक्ष से घायल चालक और कर्मचारी भी कोतवाली पहुंचे। इस घटना से आफिस का कामकाज जहां ठप रहा, वहीं अफरातफरी का माहौल बना रहा। तीनों घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी गई है। सीओ सदर वंदना सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों से तहरीर मिली है। रिपोर्ट दर्ज करके जांच कराकर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में घटना उस समय घटी, जब डीआईओएस ओमकार राणा अपने कक्ष में बैठे थे। इसी बीच शिक्षक नेता एवं प्रधानाचार्य परिषद के मंडलीय पदाधिकारी बृजेश तिवारी पहुंचे। किसी प्रकरण पर बात हो रही थी, तभी कहासुनी हुई और मारपीट होने लगी। इसी बीच शिक्षक नेता का चालक पहुंच गया। डीआईओएस की पिटाई और हंगामा होता देख गुस्साए कार्यालय के कर्मचारी एकजुट हो गए। शिक्षक नेता और उसके चालक को घेर लिया। पिटाई के डर से मौका देखकर शिक्षक नेता वहां से पैदल भाग खड़े हुए, लेकिन चालक को कर्मचारियों ने दबोच लिया और जमकर पिटाई कर दी। इस वजह से शिक्षक नेता की गाड़ी कार्यालय के बाहर ही खड़ी रह गई।
डीआईओएस के खिलाफ कार्यालय का एक कर्मचारी उतर आया तो उसकी भी पिटाई कर दी गई। हंगामे के बाद सभी कर्मचारी बाहर निकल आए और दफ्तर में ताला लगा दिया गया। सभी कर्मचारी कोतवाली पहुंचे। मारपीट में डीआईओएस, शिक्षक नेता के चालक और एक कर्मचारी को चोटें आई हैं। कोतवाली पुलिस ने घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा। डीआईओएस और शिक्षक नेता के चालक की ओर से तहरीर दी गई है।
विज्ञापन

जान लेने की नीयत से किया गया हमला
अपने कक्ष में बैठा था। साथ में कोषाधिकारी जितेंद्र सिंह और कार्यालय के बड़े बाबू राघवेंद्र सिंह भी थे। इसी बीच नर्मदेश्वर इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य बृजेश तिवारी आए, गालीगलौज की और रिवाल्वर तानकर मारना शुरू कर दिया। उनका चालक भी आ गया। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। अगर कार्यालय के कर्मचारी न आते तो शायद उन्हें जान से मार दिया जाता। अक्सर गायब रहने वाला कार्यालय का एक स्टाफ भी शिक्षक नेता के साथ शामिल था। -ओमकार राणा, डीआईओएस
चालक को कमरे में बंद करके पीटा : बृजेश तिवारी
प्रधानाचार्य परिषद के मंडलीय पदाधिकारी बृजेश तिवारी का कहना है कि वह एक प्रकरण को लेकर डीआईओएस से मिलने गए थे। मास्क नहीं लगाए थे, इसीलिए अपने चालक राज पटेल से मास्क मंगाया था। जब चालक मास्क लेकर पहुंचा तो उस समय डीआईओएस से कहासुनी हो रही थी। इसी बीच मामला बिगड़ गया और डीआईओएस व बड़े बाबू ने चालक को कमरे में बंद करके जमकर पिटाई की। वह किसी तरह कर्मचारियों से बचकर बाहर निकल आए। चालक के पास चाभी थी, इसलिए अपनी गाड़ी को वहीं छोड़ आया। कार्यालय के ही स्टाफ मयंक की भी पिटाई की गई।
घायलों ने लगाए डीआईओएस पर आरोप
मारपीट में घायल हुए चालक और स्टाफ ने डीआईओएस पर आरोप लगाए। शिक्षक नेता के चालक राज पटेल का कहना है कि वह मास्क देने के लिए डीआईओएस के कमरे पहुंचे तो वहां मारपीट चल रही थी। बृजेश तिवारी को मास्क देकर उसे हॉस्पिटल जाना था, लेकिन डीआईओएस ने उसे पीट दिया। उधर, कार्यालय स्टाफ मयंक सिंह का कहना है कि झगड़ा हो रहा था। वह देखने पहुंचा और वीडियो बनाने लगा तो डीआईओएस ने मोबाइल छीन लिया। सारे वीडियो डिलीट कर दिए और पीटने लगे। वह रोज उपस्थित रहता है, लेकिन उसको अनुपस्थित कर दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें