अस्पताल की इमरजेंसी में ही प्रतिदिन 70-80 मरीज पहुंच रहे हैं। उनमें ज्यादातर रोगी डायरिया व बुखार के होते हैं। अस्पताल में गंभीर रोगियों को भर्ती किया जाता है।
राही क्षेत्र में रंजीतपुर लोनारी की रहने वाली अनन्या (10) कई दिन से उल्टी-दस्त से पीड़ित थी। रविवार को परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसने दम तोड़ दिया।
इसके अलावा आदित्य (9) निवासी तुलसीनगर रतापुर, सुशील (28) निवासी रूपामऊ, इसलाम बेगम (60) निवासी सब्जी मंडी, दामिनी (1) निवासी दरीबा सतांव समेत 20 लोगों को डायरिया से पीड़ित होने पर 24 घंटे के दौरान जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हो रहे हैं। ओपीडी व इमरजेंसी में अधिकतर रोगी डायरिया और बुखार के आते हैं। लोगों को खानपान पर ध्यान देना चाहिए। शुद्ध पानी पीना चाहिए। इस तरह संक्रामक रोग से बचा जा सकता है।