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Raebareli News: ओवरब्रिज बंद होने से बढ़ीं दुश्वारियां

Thu, 21 Aug 2025 01:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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शहर के गल्ला मंडी के पास क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज पर यातायात को रोकने के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग।
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रायबरेली। गल्ला मंडी स्थित क्षतिग्रस्त हुए ओवरब्रिज की मरम्मत में अभी समय लगेगा। वजह, पहले विशेषज्ञ पुल की जांच करेंगे। इसके बाद मरम्मत का काम होगा। ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। लोग लगभग चार किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचने को मजबूर हैं।
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लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी कानपुर या फिर रुड़की के विशेषज्ञों से बातचीत करके उनके यहां आकर ओवरब्रिज की जांच करने का समय तय कर रहे हैं। जहानाबाद से रायबरेली-लखनऊ हाईवे को जोड़ने वाली सड़क पर जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए वर्ष 2011 में गल्ला मंडी रेलवे क्रॉसिंग पर सेतु निगम ने ओवरब्रिज का निर्माण कराया था।

मई 2024 में सेतु निगम ने ओवरब्रिज की देखरेख का जिम्मा लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया था। मंगलवार सुबह ओवरब्रिज से लोग गुजरे थे। ऐसे में उन्हें ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त होने की जानकारी हुई थी। डीएम हर्षिता माथुर ने विभागीय अफसरों के साथ मुआयना किया था। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता महिपाल सिंह ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि इसी सप्ताह विशेषज्ञों की टीम यहां आकर क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज की जांच कर ले। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत कार्य शुरू होगा।
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कमीशनबाजी में मानक का नहीं दिया गया ध्यान
ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय नागरिकों और मुसाफिरों में मंगलवार को नाराजगी दिखी। सभी का कहना है कि ओवरब्रिज निर्माण में खूब कमीशनबाजी की गई। यही वजह रही कि इतनी जल्दी ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया। रतापुर निवासी दिनेश यादव ने बताया कि सेतु निगम जिले में ओवरब्रिज बनाने का कार्य तो कराता है, लेकिन मानक पर ध्यान नहीं देता। गल्ला मंडी के अलावा अन्य ओवरब्रिज भी आएदिन क्षतिग्रस्त हो जाते है। कहारों का अड्डा निवासी मो. अरमान बताते हैं कि ओवरब्रिज दरक जाने से रतापुर जाने के लिए चार किमी चक्कर लगाना पड़ रहा है। जल्दी ओवरब्रिज की मरम्मत कराए जाने की जरूरत है।


पीडब्ल्यूडी की भूमिका पर उठ रहे सवाल
ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त होने के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कह रहे हैं कि सेतु निगम की तरफ से निर्माण कार्य कराया गया था। इसके बाद उन्हें ओवरब्रिज को हैंडओवर किया गया था। 14 माह पहले जब यह ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हुआ था तो पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत कार्य पर 85 लाख रुपये खर्च किए थे। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि फिर इतनी जल्दी ओवरब्रिज कैसे क्षतिग्रस्त हो गया।
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