रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज हाई-वे पर सई नदी पुल की मरम्मत की वजह से विभिन्न मार्गों पर लोग दूसरे दिन बुधवार को भी जाम के झाम से जूझते रहे। कहीं ट्रक चालक तो कहीं बस और बाइक सवार गंतव्य को जाने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। कहीं पर जाम आवागमन में रोड़ा बना, तो कहीं एक रूट से दूसरे रूट पर चले जाने पर काफी लोगों को भटकना पड़ा। उधर, पुल की मरम्मत के लिए खोदाई का कार्य तेजी पर है, लेकिन 13 दिन अभी और लोगों को जाम जूझना पड़ेगा।
हाई-वे पर प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है, लेकिन जल्दबाजी में न तो कोई बाईपास बनवाया गया और न ही खस्ताहाल रूटों को सही कराया गया। यही वजह है कि जिला प्रशासन ने वाहनों का डायवर्जन तो कर दिया, लेकिन उन सड़कों पर वाहन चालकों को क्या दिक्कतें हो रही हैं, इससे उसका कोई लेना देना नहीं है। जिले में परशदेपुर रोड, राजघाट व बछरावां से वाहनों का रूट डायवर्जन तो कर दिया गया, लेकिन वाहन चालकों और मालिकों को चाहे प्रयागराज से लखनऊ या फिर किसी और जिले में जाना हो, तो उनको भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस वाले भी जाम हटाने के लिए दूसरे दिन भी जूझते रहे, लेकिन वाहनों की भीड़ के आगे वे भी लाचार नजर आए। एसपी श्लोक कुमार का कहना है कि आवागमन को सामान्य बनाने के लिए पुलिस बल लगाया गया है। आने-जाने वालों को दिक्कत न हो, इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। सई पुल की मरम्मत का कार्य शुरू होने से परेशानी सभी को हो रही है, लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत आसपास के रहने वाले या फिर रोज कमाने खाने वालों को हो रही हैं। शहर में काम करने के लिए आसपास के श्रमिकों को रोजाना जिला मुख्यालय आना पड़ता है।
पुल पर आवागमन बंद हो जाने से शहीद स्मारक होकर पैदल आने-जाने के लिए लोहे का पुल बना हुआ है, जो जर्जर है। इस समय पुल से होकर पैदल, साइकिल वाले ही नहीं बाइक सवार भी आ जा रहे हैं। ऐसे में जरा सी चूक से जानमाल को गंभीर नुकसान हो सकता है। इस पुल से बुधवार को आने वाले रामबहादुर कहते हैं कि यदि शहर नहीं आऊंगा तो कमाऊंगा क्या। कमाई नहीं की तो खुद के साथ परिवार को क्या खिलाऊंगा। यही कहना है रामनरेश, पीतांबर, कल्लू और रामभरोसे का। इस पुल से होकर रोज करीब पांच हजार लोग आ-जा रहे हैं।