रायबरेली। भोजपुर कस्बा के शक्ति पीठ दशारानी मंदिर में देवोत्थानी एकादशी पर एक पुरानी व अनूठी परंपरा आज भी कायम है। स्थानीय लोगों के अनुसार एकादशी पर दशारानी मंदिर में काफी संख्या में महिलाएं खोवा से बने लड्डू का प्रसाद चढ़ाती हैं, जिसे लोग छीन कर बिना कुछ बोले वहीं पर बैठ कर खाते हैं। इससे उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि सैकड़ों साल पहले खोदाई के दौरान मजदूरों को दस देवियों की संयुक्त मूर्ति मिली थी, जिसे उस समय एक चबूतरे में रख दिया गया था। कुछ समय बाद भक्तों के सहयोग से मंदिर का निर्माण करा दिया गया। मंदिर में दर्शन व लड्डू खिलाने के लिए सोमवार और शुक्रवार को श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहता हैं। यहां जनपद ही नहीं आसपास के उन्नाव, कानपुर, लखनऊ, फतेहपुर से भी भक्त आते हैं। एकादशी पूजन के दौरान मंदिर कमेटी के पुतानी साहू, सुजीत सोनी, राज सविता, अनुपम मिश्र, अवनीश निर्मल व भोजपुर चौकी प्रभारी बृजेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। (संवाद)