ऊंचाहार बैठक में मौजूद अधिकारी व ग्रामीण।
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ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र के पट्टी रहस कैथवल गांव में बुधवार को खुली बैठक हुई। इसमें गांव के लोगों ने मनरेगा रोजगार, नाली, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग समेत अन्य विकास कार्यों का प्रस्ताव दिया। बैठक में पेयजल, आवास के अलावा गोशाला के रखरखाव का मुद्दा उठाया गया। गहमागहमी के बीच मनरेगा पार्क व अमृत सरोवर निर्माण समेत लगभग दो करोड़ के विकास कार्यों पर मुहर लगाई गई।
ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में गति लाने के उद्देश्य से प्रधान फूलचंद्र ने खुली बैठक बुलाई। बैठक में एडीओ पंचायत सत्यनाम सिंह, पंचायत सचिव सीमा गौतम, मनरेगा एपीओ आकांक्षा त्रिपाठी व जेई सतीश ओझा मौजूद रहे। इसमें गांव की पिंकी, शकुंतला, राजकली व केशकली ने पेयजल की व्यवस्था के लिए हैंडपंप रिबोर कराने की मांग की। माया देवी, विमला, संजय, अजय व धर्मेंद्र ने नाली व खड़ंजा लगवाने की मांग की।
बैठक में लगभग 18 लाख की लागत से मनरेगा पार्क, लगभग 38 लाख की लागत से अमृत सरोवर व मनरेगा पार्क व केंद्रीय वित्त आयोग से लगभग 25 लाख की लागत से खेल मैदान का निर्माण कराने आदि के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
लगभग दो करोड़ रुपये के विकास कार्यों की योजनाओं का प्रस्ताव अधिकारियों को सौंपा गया। एडीओ पंचायत ने बताया कि बैठक में लगभग दो करोड़ के विकास कार्यों का प्रस्ताव आए हैं। जल्द ही मनरेगा सहित अन्य विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे।
गर्म रहा मजदूरी न मिलने का मुद्दा
बैठक में गांव के गोकर्ण ऋषि गोशाला का मुद्दा छाया रहा। गोसेवकों ने भुगतान न मिलने की वजह से गोशाला में काम करने से मना कर दिया और पंचायत सचिव को गोशाला की चाभी सौंप दी। गांव के अन्य व्यक्तियों ने भी छह हजार रुपये मानदेय में काम करने से इंकार कर दिया। इसके बाद ग्राम प्रधान फूलचंद्र व पंचायत सदस्य अनुज उपाध्याय ने गोशाला के पशुओं की देखरेख साफ-सफाई आदि की जिम्मेदारी ली और नि:शुल्क गोसेवा करने का ऐलान किया।