रायबरेली। सिंचाई विभाग खंड दक्षिणी में बदहाल 738 पुल-पुलियों की मरम्मत का कार्य पूरा हो गया है। इस पुलिया में कहीं रेलिंग थी ही नहीं तो कहीं आधी गायब थी।
इस तरह की पुलियों का मरम्मत कार्य पूरा हो गया है। रंगाई के बाद पुलों की हालत बहुत अच्छी हो गई। वहीं 41 पुल-पुलियां ऐसी हैं, जिनका पुनर्निर्माण होगा। इस कार्य के लिए करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। पुल और पुलियों के ठीक हो जाने से करीब पांच लाख से ज्यादा लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।
सिंचाई विभाग खंड दक्षिणी के अंतर्गत आने वाले रजबहों और माइनरों में 738 पुल-पुलिया ऐसी थीं, जिसमें कहीं पर रेलिंग टूटी तो कहीं पर उसमें दरार आ गई थी। कई जगह तो दोनों तरफ की रेलिंग ही गायब हो गई थी।
इस वजह से पुल के ऊपर से निकलने वाले मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को देखते हुए विभाग की ओर से प्रस्ताव बनाकर भेजा गया, जिसे शासन ने मंजूर कर कार्य की स्वीकृत दे दी।
रेलिंग विहीन पुलों का सुधार कार्य पूरा करा लिया गया है। इसके साथ ही पुल व पुलियों के रंग रोगन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। यही नहीं 41 पुल-पुलिया ज्यादा खस्ताहाल है। किसी पुल की छत टूटी है तो किसी पुल की नींव कमजोर हो गई है। इस तरह की पुल-पुलियों का पुनर्निर्माण होना है।
तीन करोड़ से होगा पुल-पुलियों का पुनर्निर्माण
पुल-पुलियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में करीब 13 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। 10 करोड़ रुपये की लागत से पुल-पुलियों की मरम्मत का कार्य हो चुका है। शेष तीन करोड़ रुपये से पुनर्निर्माण का कार्य होना है। इसके लिए 41 पुल-पुलियों को चिह्नित किया गया है। इसमें 11 पुल-पुलियों का पुनर्निर्माण भी करा दिया गया है। पुलियों के ठीक होने से करीब पांच लाख से ज्यादा लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी।