रायबरेली। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में मनमानी की शिकायतें मिलने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने अंबारा मथई और बांस गांव में विकास कार्यों में गड़बड़ी की जांच के लिए दो-दो अधिकारियों की टीम गठित की है। यह टीमें 30 दिन में जांच पूरी करके साक्ष्यों के साथ अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी।
दीनशाह गौरा के अंबारा मथई गांव निवासी पंकज यादव ने डीएम को सौंपे एक शिकायती पत्र में जलजीवन मिशन के तहत पानी आपूर्ति, इंटरलॉकिंग और खड़ंजा निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया था। इसमें बताया गया कि विकास के नाम पर ग्राम पंचायत में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। मामले में डीएम ने सहायक निदेशक मत्स्य और जिला खाद्य विपणन अधिकारी की जांच कमेटी गठित की है।
इसी तरह सतांव ब्लॉक के बांस गांव निवासी मोहित सिंह ने शिकायत की थी कि आरसीसी मार्ग निर्माण, हैंडपंप मरम्मत, ह्यूम पाइप और टाइल्स की खरीद में मानकों की अनदेखी की गई है। इस मामले में डीएम जिला कार्यक्रम अधिकारी और अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड की जांच कमेटी गठित की है। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि दोनों ग्राम पंचायतों में शिकायतों की जांच के लिए गठित टीम एक माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।