सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही है। हाल ही में सरकार ने हादसों में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारीजनों को 20 लाख रुपये मदद का एलान किया है। इसमें यूपी के अंदर होने वाले हादसों में जान गंवाने वाले गैर प्रांत के सैनिकों के आश्रितों को भी इसका लाभ दिया जाएगा।
सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कल्याण निदेशक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर अमूल्य मोहन ने ‘अमर उजाला’ को जानकारी दी। वे अपने एक दिवसीय वार्षिक निरीक्षण में फतेहपुर के बाद जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए कई योजनाएं चला रही है।
इसका लाभ उन सैनिक परिवारों को मिल रहा है, जो आज हमारे बीच नहीं है। हाल ही में सैनिक आश्रितों के लिए एक और घोषणा की है। इसमें हादसे में जान गंवाने वाले प्रदेश के सैनिकों के आश्रितों को अब 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। इसका लाभ गैर प्रांत के जवानों के आश्रितों को भी लाभ मिलेगा, जो यूपी के अंदर किसी हादसे में जान गंवाते हैं।
वीरता पुरस्कार और विशिष्ट सेवा पुरस्कार के अनुदान में 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिक आश्रितों का अनुदान चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये कर दिया गया है।
निदेशक ने कहा कि 71 जिलों में विभाग का कार्यालय है। पूर्व सैनिक और उनके आश्रितों की समस्याओं का प्रमुखता से निस्तारण किया जा रहा है।
इस दौरान उन्होंने कार्यालय का निरीक्षण किया। वहीं वर्तमान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एससी कांडपाल के साथ पूर्व विंग कमांडर श्याम किशोर पांडेय के साथ योजनाओं पर चर्चा की। इस मौके पर राममोहन मिश्रा, महेंद्र सिंह राठौर, रविंद्र शुक्ल, उमेश कुमार वर्मा मौजूद रहे।
प्रथम विश्व युद्ध में अपनी वीरता से दुश्मनों को चारों खाने चित्त करने वाले कानपुर के तिलसड़ा निवासी पूर्व सैनिक नायक छत्ता सिंह की प्रतिमा लगाई जाएगी। निदेशक ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से उनकी यादों को ताजा रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। पूर्व सैनिक को यह अवार्ड ब्रिटिश शासनकाल में मिला था। प्रदेश से एक मात्र सैनिक थे। यह अवार्ड परमवीर चक्र के बराबर का होता है।