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इंजेक्शन लगाते ही रोगी की तड़पकर मौत, सीएचसी में तोडफ़ोड़, अधीक्षक पर केस

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रायबरेली। सीने व पेट में दर्द की शिकायत पर सोमवार को सीएचसी लाए गये मरीज की इंजेक्शन लगाते ही मौत हो गई। इससे लोगों का गुस्सा भड़क गया और अधीक्षक के ओपीडी कक्ष में घुसकर रजिस्टरों को फाड़कर फेंक दिया।
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कुर्सी-मेज भी तोड़ दी। इमरजेंसी में भी रखी दवाएं व समान फेंक दिया। स्वास्थ्य कर्मियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। लोगों के इस व्यवहार से अफरातफरी मच गई।
सूचना पर एसडीएम ऊंचाहार, सीओ डलमऊ व पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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दिन भर सीएचसी में ओपीडी नहीं चली। रोगियों को इलाज के लिए भटकना पड़ा। थाना क्षेत्र के पूरे त्रिलोक मजरे केवलपुर बरेथा व वर्तमान निवासी टांघन रामसुमेर (30) पुत्र राम दुलारे को सीने में दर्द व पेट में दर्द होने पर सोमवार सुबह सात बजे सीएचसी लाया गया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ला ने रामसुमेर को देखा और उसे एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के बाद रामसुमेर की हालत और गंभीर होने पर उसको जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
108 एंबुलेंस आने के बाद भी उसको जिला अस्पताल नहीं ले जाया गया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। इससे लोगों का गुस्सा भड़क गया। लोगों ने सीएचसी अधीक्षक के ओपीडी कक्ष में घुसकर तोड़फोड़ करने के साथ ही पूरे अस्पताल में हंगामा किया गया।
इससे अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही थाने की पुलिस पहुंच गई। एसडीएम ऊंचाहार केशव नाथ गुप्ता और सीओ डलमऊ आरपी शाही मौके पर पहुंचे और लोगों का गुस्सा शांत कराया।
मृतक की पत्नी सीमा का आरोप है कि गलत इंजेक्शन लगाने के कारण उसके पति की मौत हुई है। मामले में मृतक के पिता राम दुलारे ने थाने में तहरीर देकर सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ला के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
उधर सीएचसी में दिन भर ओपीडी न होने के कारण रोगियों को परेशान होना पड़ा। कोतवाल विजय प्रताप यादव ने बताया तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
सीएससी अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ला का कहना है कि राम सुमेर जब मेरे पास पहुंच तो उसने सीने में दर्द था। उसे इंजेक्शन लगाकर रेफर किया गया था। इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं की गई।
एसीएमओ डॉ. एसके चक और डॉ. एम नारायण की टीम ने सीएचसी पहुंचकर जांच की। तोड़फोड़ के मामले में भी सीएचसी अधीक्षक को संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए गये हैं।
एसीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि मृतक रामसुमेर के हार्ट का इलाज पहले से डॉ. एआर त्रिपाठी कर रहे थे। उसके सीने व पेट में दर्द था। हालांकि मामले की जांच की जा रही है। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा।
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