रायबरेली। जगतपुर थाना क्षेत्र के परहरी गांव में छात्र की हत्या के दो दिन बाद ही बड़ी करौती गांव के पास सफाई कर्मचारी की धारदार हथियार से हत्या करके शव को सड़क पर फेंक दिया गया।
शुक्रवार सुबह सड़क पर शव मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। गले के साथ ही शरीर के अन्य स्थानों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। पिता ने हत्या की आशंका जताते हुए अज्ञात के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने शव पीएम के लिए भेज दिया है।
जगतपुर कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मणपुर निवासी जितेंद्र पाल (28) पुत्र देशराज पाल गत गुरुवार देर रात किसी का फोन आने के बाद रात करीब दो बजे मोटरसाइकिल लेकर घर से निकला था।
परिवारीजनों ने उसे जाने से मना किया, लेकिन उसने उनकी बात नहीं सुनी और आधा घंटे में वापस आने की बात कहकर चला गया। शुक्रवार तड़के उसका शव बड़ी करौती के पास सड़क पर मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
सफाई कर्मचारी के गले और सिर पर धारदार हथियार के निशान मिले हैं। मामले में पिता देशराज ने बेटे की हत्या का आरोप लगाकर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। पिता का कहना है कि जितेंद्र उसकी बात मान गया होता तो उसकी हत्या न होती।
कोतवाल विजय प्रताप यादव का कहना है कि देर रात किसी जानवर से टकराने से जितेंद्र पाल गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की बात आती है तो केस दर्ज किया जाएगा।
सीएचसी के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. सत्यपाल सिंह ने बताया कि अस्पताल लाए जाने से पहले ही युवक की मौत हो गई थी। पिता ने बताया कि जितेंद्र सलोन ब्लॉक के चकनेकनामपुर गांव में तैनात था। पत्नी अनुभा अपने मायके में थी।
रात में जितेंद्र के फोन पर किसका फोन आया था। फोन आते ही वह क्यों घर से तुरंत निकल पड़ा था। यह सब सवालों के जवाब ढूंढने में पुलिस जुट गई है।
फोन करने वाले का पता लगाने के बाद ही हत्या का कारण स्पष्ट हो सकेगा। हालांकि पुलिस कई बिंदुओं पर मामले की जांच करने में जुट गई है। जगतपुर एसओ विजय प्रताप यादव क्षेत्र में संगीन वारदातों को रोक पाने में नाकाम हो गए हैं।
परहरी में छात्र की हत्या के मामले में नामजद आरोपियों को पकड़ पाने में नाकाम हैं। पुलिस की नाकामी के कारण ही एक और हत्या करके शव को सड़क पर फेंक दिया गया है। इसके अलावा अन्य कई बड़ी वारदातें भी क्षेत्र में हो चुकी हैं।