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दरोगा की हत्या की सीओ ने शुरू की जांच

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हरचंदपुर थाना क्षेत्र के मझिगवां करन गांव दरोगा की हत्या को लेकर जांच करते सीओ महराजगंज विनीत सि? - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। अमेठी जिले में तैनात दरोगा की हत्या की फाइल फिर से खुल गई है। हत्या की तफ्तीश भी अब नए सिरे से शुरू हो गई है। नवागत महराजगंज सीओ विनीत सिंह ने न सिर्फ रविवार को घटनास्थल का जायजा लिया, बल्कि वहां पर पहुंचकर ग्रामीणों और परिवारीजनों से बात की। मर्डर से संबंधित अहम जानकारी ली।
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इस दौरान जांच के दौरान पाया गया कि मृतक की जमीन में बाउंड्रीवाल करा दी गई है। इसके बाद सीओ हरचंदपुर थाने पहुंचे और इस मामले में अब तक जांच की क्या स्थिति रही, इस बारे में जाना। इस ब्लाइंड मर्डर की जांच शुरू होने के बाद अब पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलने की उम्मीद जगी है।
गौरतलब है कि हरचंदपुर थाना क्षेत्र के मझिगवां करन निवासी धर्मेद्र कुमार गौतम अमेठी जिले के पुलिस महकमे के वायरलेस विभाग में दरोगा पद पर तैनात थे। छुट्टी पर घर आए थे और लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित अपने नलकूप में रुके हुए थे। 21 अगस्त 2018 को उनकी हत्या कर दी गई थी।
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मृतक दरोगा के भाई वीरेंद्र गौतम ने अज्ञात में हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस वारदात का खुलासा नहीं कर पाई थी। इस प्रकरण की फाइल एक तरह से बंद हो गई थी। महराजगंज सर्किल की जांच अब सीओ विनीत सिंह को सौंपी गई है। पदभार संभालने के बाद सीओ ने इस मर्डर के मामले की फाइल खोल दी है।
यही वजह रही कि रविवार को सीओ ने हरचंदपुर एसओ राजकुमार सिंह के साथ घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद मृतक दरोगा के गांव भी पहुंचे और ग्रामीणों और परिवारीजनों से घटना के बारे में जानकारी ली। जांच के दौरान सीओ को संदेह लगा कि उसकी जमीन पर बाउंड्रीवाल कैसे करा दी गई। कई ऐसे अन्य तथ्य भी सामने आए, जिससे उम्मीद है कि जल्द प्रकरण का खुलासा होगा।
जिस समय मर्डर हुआ, उस समय रवेंद्र सिंह थानाध्यक्ष और सीओ गोपीनाथ सोनी रहे। उनके स्थानांतरण के बाद सचिन गुप्ता को थानेदार और आरपी शाही को सीओ की जिम्मेदारी मिली। प्रकरण के खुलासे की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। इसके बाद लखनऊ से स्थानांतरित होकर आए राजकुमार सिंह को थाने की कमान दी गई। यानि थानेदार और सीओ बदलते रहे। आते जाते रहे, लेकिन इस घटना के खुलासे के लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।
सीओ महराजगंज विनीत सिंह ने कहा कि अमेठी जिले में तैनात दरोगा की हत्या का मामला गंभीर है। प्रकरण की फाइल फिर से खोलकर जांच शुरू कर दी गई है। रविवार को घटनास्थल और गांव जाकर पीड़ित परिवार से इस बाबत पूछताछ की गई। ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए गए। जांच के दौरान कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। इसी सुराग के जरिए कातिलों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द वारदात का खुलासा होगा।
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