रायबरेली । जिले में रिंग रोड निर्माण के दौरान मानकों को ताक पर रखकर मिट्टी का खनन किया जा रहा है। सुलखियापुर गांव के पास कार्यदायी एजेंसी ने करीब 10 बिजली के खंभों के पास 10 फीट तक गहरी खुदाई कर दी है। इससे खंभे कभी भी गिर सकते हैं, जिससे न केवल क्षेत्र में बिजली संकट गहराएगा बल्कि बड़े हादसे की आशंका भी बनी हुई है।
30 गांवों की आपूर्ति पर संकट
विद्युत उपकेंद्र उत्तरपारा के मधुपुरी फीडर से सुलखियापुर, कलसहा, खनुवा, मधुपुरी, सूरजकुंडा और नथईपुर समेत करीब 30 गांवों को बिजली सप्लाई दी जाती है। ग्रामीणों (औतार सिंह, आशुतोष, मुकेश बाजपेयी, निक्कू तिवारी) का कहना है कि बलुई मिट्टी होने के कारण बारिश में कटाव का खतरा ज्यादा है। यदि अधिकारी समय रहते नहीं चेते, तो खंभे गिरने से लंबी बिजली कटौती और जान-माल का नुकसान हो सकता है।
छह फीट की अनुमति, हो रहा 12 फीट खनन
नियमों के मुताबिक खनन विभाग ने केवल छह फीट तक मिट्टी निकालने की अनुमति दी है, लेकिन मौके पर 12 फीट तक खुदाई की जा रही है। गुरुवार को शिकायत मिलने पर खनन अधिकारी सुरेश लकड़ा ने काम रुकवा दिया था, लेकिन कार्यदायी संस्था ने दोबारा अवैध तरीके से खनन शुरू कर दिया है।
बिजली के खंभों के पास इतनी गहरी खुदाई खतरनाक है। इससे खंभे गिर सकते हैं और बड़ी दुर्घटना हो सकती है। कार्यदायी एजेंसी को जल्द ही नोटिस जारी किया जा रहा है। जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
— संदीप श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता (विद्युत वितरण खंड द्वितीय)