शहर के कैपरगंज में ईद को लेकर खरीदारी करती युवतियां।
रायबरेली। ईद का चांद बृहस्पतिवार को नहीं निकला, जिससे शुक्रवार को चांद निकलना बिलकुल तय रहा। ईद का त्योहार शनिवार को मनाया जाना तय है। इसके बावजूद शाम को मुस्लिम समुदाय के ज्यादातर लोग आसमान की तरफ नजर लगाए गए। चांद निकलने की खबर मिलते ही एक-दूसरे को मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया।
ईद की तैयारियों के मद्देनजर खरीदारी के लिए सुबह से रात तक बाजारों में भीड़ नजर आई। मुस्लिम बहुल इलाकों की बाजारों में दुकानें देर रात तक खुली रहीं। चांद रात होने के कारण काफी रौनक रही। मुस्लिम परिवारों ने घरों में ईद के त्योहार के लिए सेवईं समेत अन्य पकवान भी बनाए।
शहरभर में खुले शॉपिंग मॉल और शोरूम में डिजाइनर कपड़ों की खरीदारी के लिए लोग पहुंचते रहे। सब्जी मंडी तिराहा और आसपास की बाजारों में सुबह से जुटी भीड़ रात तक कम नहीं हुई। रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर ज्यादा भीड़ दिखी। युवतियां अपनी पसंद के सूट तलाश करती दिखीं, वहीं मैचिंग की चूड़ियां और सैंडल खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंचती रहीं। युवकों ने जींस-टीशर्ट के साथ कुर्ता-पायजामा भी खरीदे।
सेवईं की खरीदारी देर रात तक होती रही। सेवईं का स्वाद बढ़ाने के लिए मेवा और खोवा भी खरीदा। सेवईं के साथ अन्य व्यंजन जैसे छोले, पापड़, दही-बड़े आदि परोसे जाएंगे। इन्हें बनाने में उपयोग होने वाली किराना सामग्री भी खरीदी गई। ईद के दिन घर आए मेहमानों का स्वागत सेवईं समेत सारे लजीज पकवान से किया जाएगा। इसीलिए रात में ही ज्यादातर घरों में पकवान बना लिए गए।
तेलियाकोट के अनीस अहमद और मो. शरीफ ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रतापुर क्षेत्र के रहने वाले हमदान अहमद और अब्दुल्ला ने बताया कि बच्चों में खासा उत्साह है। बच्चों ने अपनी पसंद के कपड़े खरीदे हैं, वहीं अपनी पसंद के व्यंजन भी बनवाए हैं। बड़ा कुआं के आरिफ और जफर नगर के हुसैन ने बताया कि तैयारियां पूरी हो गई हैं।