रायबरेली। शिक्षक पात्रता परीक्षा के अभ्यर्थियों की भीड़ रेलवे स्टेशन पर उमड़ी। लंबी दूरी तय कर पहुंचे अभ्यर्थियों ने ट्रेनों से ही लौटने का फैसला लिया। ट्रेनों में आम दिनों की अपेक्षा बृहस्पतिवार को ज्यादा भीड़ रही। हाल यह रहा कि ट्रेनों के रुकते ही बोगियों के गेट पर भीड़ टूट पड़ी। धक्कामुक्की के बीच किसी तरह बोगियों में घुस सके। रेलवे ने अतिरिक्त टिकट काउंटर खोला।
जिले में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा छूटने के कुछ देर बाद ही अभ्यर्थी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। पहली पाली की परीक्षा छूटने के बाद रेलवे स्टेशन पहुंचे अभ्यर्थियों को हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल खड़ी दिखी तो दौड़ कर उसमें सवार हो गए। इसके बाद अभ्यर्थियों को इंतजार करना पड़ा। अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल और देहरादून जाने वाली जनता मेल के आते ही भीड़ टूट पड़ी। सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित किया।
सुबह प्रतापगढ़ से रायबरेली और लखनऊ होते हुए कानपुर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में बहुत अधिक भीड़ रही। इस ट्रेन से ज्यादातर अभ्यर्थी ही आए, जो रायबरेली में उतरे। जितने लोग उतरे, उससे ज्यादा लोग चढ़े। वजह यह कि इसी ट्रेन से रायबरेली के अभ्यर्थियों ने लखनऊ तक जाना मुनासिब समझा, ताकि समय से परीक्षा केंद्र पहुंच सकें। अभ्यर्थियों को चढ़ने और उतरने में ज्यादा परेशानी न हो, इसलिए ट्रेनों को तय समय से ज्यादा देर तक रोका गया। यातायात निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रही।
अभ्यर्थियों के लिए चली स्पेशल ट्रेन
रायबरेली। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने यूपी टीईटी के अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए अलग-अलग रूटों पर सात स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। इनमें एक स्पेशल ट्रेन रायबरेली जिले से होकर गुजरी। बृहस्पतिवार शाम लगभग छह बजे लखनऊ से प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई गई, जो इस जिले में बछरावां, हरंचदपुर और रायबरेली स्टेशन पर रुकी।
इसके बाद गौरीगंज, अमेठी, प्रतापगढ़, विश्वनाथगंज, मऊ आइमा, फाफामऊ होते हुए प्रयागराज गई। नियमित ट्रेनों से न लौट पाने वाले अभ्यर्थी स्पेशल ट्रेन से गए। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता ने बताया कि 3 जुलाई को भी गाड़ी संख्या 04202 लखनऊ-प्रयागराज अनारक्षित स्पेशल ट्रेन दौड़ाई जाएगी।