सोमवार को दवा काउंटर पर लगी रोगियों की भीड़।
रायबरेली। बेतहाशा गर्मी और मौसम में उतार-चढ़़ाव के कारण संक्रामक रोगों ने पांव पसार दिया है। बुखार और उल्टी-दस्त की चपेट में आने के बाद सोमवार को 23 मरीजों की हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में मरीजों को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। उधर, ओपीडी में सुबह से ही रोगियों की भीड़ उमड़ी पड़ी। 1810 से अधिक मरीज चिकित्सीय सलाह लेने के लिए पहुंचे।
सबसे अधिक मेडिसिन विभाग में करीब 70 रोगी पहुंचे। काउंटरों पर सुबह से ही रोगियों की भीड़ रही। सीएचसी में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है।मौसम में बदलाव के साथ ही जुकाम, बुखार, डायरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सीएचसी पीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक मरीज पहुंच रहे हैं।
सोमवार को जिला अस्पताल में बुखार और डायरिया के 23 से अधिक मरीजों को भर्ती करके इलाज किया गया। सांस और सीने में दर्द के मरीजों की संख्या भी काफी रही। एक दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी में मरीजों की भीड़ देखने को मिली।
दवा के तीनों काउंटरों पर लंबी लाइन दिखी। ब्लड की जांच कराने के लिए पैथोलॉजी में घंटों इंतजार करना पड़ा। मौसम को देखते हुए मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक मरीज चिकित्सीय सलाह लेने के लिए पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में भी मरीज बढ़े हैं। जगतपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. एलपी सोनकर ने बताया कि रोजाना दो सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं।
इसमें डेढ़ सौ मरीज जुकाम, बुखार और उल्टी-दस्त से ग्रसित होते हैं। जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में भी मरीजों की भीड़ रही। सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण बुखार, डायरिया के मरीज बढ़े हैं। इलाज और जांच के पर्याप्त बंदोबस्त हैं। लोग एहतियात बरतें।