फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश न होने से मायूस किसानों के सामने भुगतान का संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। जिले में बारिश न होने से धान की रोपाई का कार्य प्रभावित है। कोरोना के चलते वैसे ही पहले से किसान परेशान थे। गेहूं बेचने के बाद भी उनका भुगतान नहीं किया जा सका है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

बावजूद उनका दर्द सुनने वाला कोई नहीं है। हालात ये हैं कि गेहूं बेचने के बाद भी किसानों का 3.65 करोड़ रुपया भुगतान बकाया है। पैसा पाने की उम्मीद लिए किसान बैंकों में पहुंच रहे हैं, लेकिन खाता चेक करने पर मायूसी हाथ लगती है।
भुगतान कराने के नाम पर पीसीएफ और एफएफसी एजेंसियां लापरवाही बरत रही हैं। यह हाल तब है, जब किसानों को धान की रोपाई करना है। धान रोपाई के लिए खाद और कीटनाशक दवाइयां खरीदना है। भुगतान न होने से उन्हें परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

73 हजार 600 मीट्रिक टन खरीदा गया गेहूं
इस बार जिले में गेहूं खरीद करने का कोई लक्ष्य तय नहीं था। बस अधिक से अधिक गेहूं खरीदना था। गेहूं खरीदने की जिम्मेदारी कई एजेंसियों को दिया गया था। इस बार 73 हजार 600 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है।
गेहूूं बेचने वाले किसानों को अब तक 147 करोड़ 80 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। सभी एजेंसियों ने तो किसानों का बचा बकाया भुगतान कर दिया है, लेकिन पीसीएफ और एफएफसी एजेंसियां अब तक किसानों का भुगतान नहीं कर पा रही हैं। पीसीएफ को दो करोड़ 20 लाख, जबकि एफएफसी को एक करोड़ 45 लाख रुपये का भुगतान करना है।
दो माह से भटक रहे, नहीं मिला पैसा
बछरावां। कस्बे के रहने वाले किसान श्रीश चौधरी, रामकिशोर व सुरेंद्र बहादुर सिंह कहते हैं कि दो माह पहले गेहूं की बिक्री कर दी थी। काफी समय बीत गया है, लेकिन अभी तक गेहूं का भुगतान नहीं मिला है।
आश्वासन देकर टरकाया जाता है। बैंक जाओ तो खाते में पैसा नहीं आता है। पैसा न मिलने के कारण धान की रोपाई का कार्य नहीं कर पा रहे हैं। वैसे भी बारिश न होने के कारण और कोरोना की वजह से खेती भी प्रभावित हुई है। जल्द भुगतान नहीं मिल पाया तो इसका नुकसान झेलना पड़ेगा।
जिले में इस बार 73 हजार 600 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। गेहूूं बेचने वाले किसानों को अब तक 147 करोड़ 80 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। पीसीएफ और एफएफसी एजेंसी का तीन करोड़ 65 लाख का भुगतान बकाया है। एजेंसियों से किसानों का बकाया भुगतान जल्द करने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन

रामानंद जायसवाल, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें