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किसानों के चेहरे पर छाई मायूसी, 500 बीघा धान की फसल गिरी

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रायबरेली। जिले में दो दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसानों के चेहरे पर मायूसी है। हवा और बारिश से करीब 500 बीघे फसल गिर गई। इस समय धान की ज्यादातर फसल पक चुकी थी और उसकी कटाई शुरू होने वाली थी, ऐसे में मौसम ने करवट ले ली है। अगर मौसम का मिजाज नहीं बदला तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कुछ जगहों पर तो बारिश से खेतों में पानी भरा है।
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जिले में इस बार एक लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की रोपाई हुई थी। रोपाई के समय बारिश नहीं हुई। अब जब फसल तैयार हो चुकी है तो बारिश शुरू हो गई। हल्की हवा भी चली। अनुमान है कि जिले में करीब 500 बीधा धान की फसल गिर गई। सदर तहसील क्षेत्र के डिडौली गांववासी किसान सुखलाल मौर्य व छविनाथ पाल की पांच-पांच बीधा फसल गिर गई। उन्होंने प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है।
वहीं शिवगढ़ में भी बारिश से धान की फसल गिरने से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। रोहनियां के पूरे जीत गांववासी किसान पिंकू सिंह ने बताया कि पांच बीघा फसल गिर गई है। बारिश बंद न हुई तो फसल सड़ जाएगी। उधर, उमरन गांव के किसान अभिषेक सिंह ने बताया कि धान के साथ-साथ तिल व उड़द की फसल को भी नुकसान हुआ है। कुछ किसानों ने तरोई की बोआई कर दी दी थी। खेतों में पानी भरने से यह भी बर्बाद हो गई है।
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बारिश से धान की फसल गिरी है, लेकिन नुकसान नहीं हुआ है। किसानों से अपील है कि अगर खेत में पानी भरा हो तो उसे निकाल दें, ताकि फसल गिरने ना पाए। सर्वे के बाद ही पता चलेगा कि जिले में कितनी धान की फसल गिरी है।
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- रविचंद्र प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी
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