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रायबरेली के साथ कई प्रांतों में फैला ईरानी गैंग के बदमाशों का जाल

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रायबरेली। एसओजी और ऊंचाहार पुलिस की मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों बदमाश ईरानी गैंग के सदस्य हैं। ये लोग काफी समय से लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
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पकड़े गये बदमाशों के आपराधिक इतिहास के बारे में पता लगाया जा रहा है।
इनके घरवालों या इन्हें भारत की नागरिकता मिल पाई है या नहीं, इसका भी पुलिस पता लगा रही है। पुलिस की दो टीमें फर्रुखाबाद और लखनऊ भेजी गईं हैं। जांच में पता चला है कि रायबरेली के साथ कई प्रांतों में ईरानी गैंग ने अपना मकड़जाल फैला रखा है। ये लोग यहां डेरा डालकर रहते हैं और लूूट की घटनाओं में अंजाम देते हैं।
ऊंचाहार के मनीरामपुर गांव के पास शुक्रवार रात पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश पकड़े गए थे। इनकी पहचान मध्य प्रदेश प्रांत के विदिशा रोड भानपुर थाना निवासी ताहिर अली व फर्रुखाबाद शहर के मेंहदीबाग निवासी निसार हुसैन के रूप में हुई थी।
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जांच में इनके पास से जाली पुलिस और होमगार्ड के आईकार्ड भी मिले हैं। यदि कहीं चेकिंग में पुलिस रोकती थी तो ये लोग इन्हीं आईकार्ड के सहारे बच जाते थे। अन्य दस्तावेज भी फर्जी पाए गए हैं। पुलिस अफसर बताते हैं कि महाराष्ट्र, भोपाल के अलावा यूपी के फर्रुखाबाद में ईरानी लोग अधिक रहते हैं।
पकड़े गए लुटेरों को भारत की नागरिकता मिल पाई है या नहीं, उनके खिलाफ कितने मुकदमे दर्ज हैं, यह जानने के लिए ऊंचाहार पुलिस की दो टीमें लखनऊ व फर्रुखाबाद भेजी गईं हैं।
बताया जा रहा है कि ये बदमाश लखनऊ में भी लूट की घटना को अंजाम दे चुके हैं। इनके साथ अन्य लोग भी थे, उनके बारे में पुलिस पूछताछ कर रही है। एसओजी टीम प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी, ऊंचाहार कोतवाल शिवशंकर सिंह की अगुवाई में पुलिस टीमें ईरानी गैंग से जुड़े सभी तथ्यों की तहकीकात करने में जुटी हैं।
शहर में लूूट की घटना को दिया अंजाम, 42 हजार रुपये बरामद
ऊंचाहार। एसओजी व पुलिस की मुठभेड़ में घायल हुए बदमाशों की निशानदेही पर पुुलिस ने लूट के 42 हजार रुपये बरामद किए हैं। इन्हीं लुटेरों ने सदर कोतवाली क्षेत्र में मंशा देवी मंदिर के पास एक व्यक्ति से एक लाख रुपये लूटे थे।
दोनों बदमाशों ने 25-25 हजार रुपये आपस में बांटे लिए थे। शेष पैसे असलहे व अन्य काम में खर्च कर दिए थे। बदमाशों के दो साथी फर्रूखाबाद के थाना मऊ दरवाजा के तलैयासाहब गांव निवासी राहुल व आबिद पुलिस गिरफ्त से दूर हैं। उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगी हैं। मुठभेड़ में एसओजी टीम में शामिल सिपाही राजीव शुक्ला भी घायल हुुआ था, जो अब खतरे से बाहर है।
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पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश ईरानी गैंग के सदस्य हैं। रायबरेली, लखनऊ के साथ कई प्रांतों में इनका जाल बिछा हुआ है। ये सभी लूूट की घटनाओं को अंजाम देते हैं। तलाशी के दौरान दोनों के पास से पुलिस और होमगार्ड के जाली आईकार्ड बरामद हुए हैं। दोनों की नागरिकता के बारे में भी पड़ताल कराई जा रही है।
विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक
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