शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी होने पर परिवारीजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। यह घटना मोहनगंज क्षेत्र के बिरमापुर मजरा आशापुर में हुई।
गांव निवासी राम बहादुर का बेटा शेखर यादव (16) गुरुवार को गांव के पास ही नौटंकी देखने जाना चाहता था। परिवारीजनों के मुताबिक रात में बाहर जाने से पिता ने उसे रोक दिया।
शेखर के बहुत जिद करने पर पिता ने उसे फटकार लगा दी। इसके बाद कमरे में गया शेखर बाहर नहीं निकला। शुक्रवार सुबह परिवारीजनों ने कमरे में देखा तो शेखर का शव छत की धन्नी से गमछे के सहारे बंधा लटकता मिला।
मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान गीता देवी के पति रामेश्वर ने बताया कि शेखर नौटंकी देखने की जिद कर रहा था लेकिन पिता ने उसे जाने नहीं दिया।
इसी से नाराज होकर किशोर ने आत्महत्या कर ली। शव का पंचनामा कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस का कहना था कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।