सदर कोतवाली क्षेत्र में रविवार तड़के एक बेकाबू ट्रक ने भेड़ पालक और भेड़ों के झुंड को रौंद डाला। हादसे में भेड़ पालक बुजुर्ग और 26 भेड़ों की मौत हो गई। नौ भेड़ें घायल हो गईं। इस दौरान चालक वाहन लेकर फरार हो गया। सूचना पर पुलिस और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
भेड़ पालक के शव को पुलिस ने कब्जे में लिया। पशुपालन विभाग के डॉक्टरों ने मरी भेड़ों का पंचनामा किया। फतेहपुर जिले के असोथर थाना क्षेत्र के मल्हीपुर गांव निवासी राम प्रताप पाल (56) और गांव के ही रामचंद्र, कुंवर, अंकित, गजराज आदि करीब 200 भेड़ों को चराने के लिए रायबरेली लाए थे।
रात में दरीबा चौराहा के पास भेड़ों को रोका गया था। तड़के भेड़ों को चराने के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रायबरेली से कानपुर की तरफ जा रहे बेकाबू ट्रक भेड़ों को रौंदते हुए आगे बढ़ गया। ट्रक की चपेट में आने से राम प्रताप और 26 भेड़ों की मौत हो गई। साथ में चल रहे अन्य लोग बाल-बाल बच गए।
सूचना पर सदर कोतवाल सुधीरचंद्र पांडेय फोर्स के साथ मौैके पर पहुंचे। पुलिस ने भेड़ पालक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पशुपालन विभाग के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज अहमद टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पशु पालक के साथ 26 भेड़ों की मौत हुई है। कोतवाल का कहना है कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
पिता की मौत की सूचना पर यहां पहुंचे बेटे प्रमेश पाल के आंसू नहीं थम रहे थे। लोग उसे ढांढस बंधाते, लेकिन वह बिलख रहा था। बेटे के मुताबिक अगस्त में भेडे़ चराने के लिए सब लोग घर से निकले थे। बीच-बीच में एक-एक लोग घर आते जाते रहते थे। इसी से उनके परिवार की जीविका चलती थी। अब क्या होगा, यही सोचकर बेटा परेशान था। राम प्रताप पाल की मौत से उसके साथी भी गमगीन हैं।