‘एक अफसर का वेतन 50 हजार होता है यदि उसे दस हजार निकाल दें तो कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन यदि किसी छोटे कर्मचारी का वेतन दस हजार ही है और वह भी नहीं मिले तो उसे ऐसी जिंदगी जीने में बहुत मुश्किल होती है।
मैं ऐसी जिंदगी से तंग आ चुकी हूं। सॉरी मां हमें माफ कर देना मैं हार गई हूं।’ ये बातें कोतवाली क्षेत्र के राजपति नगर मजरे धनाभाद गांव में एक संविदा एएनएम ने सुसाइड नोट में अपनी मां को लिखे हैं। एएनम का शव शुक्रवार को कमरे में लगे पंखे से लटकता मिला। पुलिस को मृतका के घर से सुसाइड नोट व सिरेंज मिला है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
राजपति नगर निवासिनी अर्चना (30) पत्नी सुशील कुमार एक मकान में किराए पर रहती थीं। वह गेंगासो उपकेंद्र पर संविदा पर एएनएम पद पर तैनात थीं। शुक्रवार को उसका शव कमरे के पंखे से लटकता हुआ मिला। पड़ोस के लोगों ने बताया कि गुरुवार से घर के दरवाजे नहीं खुले थे।
फोन मिलाया जा रहा था लेकिन रिसीव नहीं हो रहा था। शुक्रवार को मोहल्ले के लोग दीवार फांदकर भीतर घुसे तो घटना का पता चला। सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा और छानबीन शुरू की। छानबीन के दौरान पुलिस को सुसाइड नोट मिला। जिसमें वेतन कम मिलने और समय पर न मिलने से तंग आकर फांसी लगाकर खुदकुशी करने का जिक्र मृतका द्वारा किया गया है।
मृतका का पति लखनऊ में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात है। साथी एएनएम अरुना देवी, कांती देवी ने बताया कि मृतका के गले में गहरा निशान होने के साथ-साथ हांथ में इजेक्शन लगने का भी निशान था। जिससे यह साफ है कि उसकी हत्या की गई और उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। महिला का विवाह 2009 में हुआ था। उसके एक डेढ़ वर्ष की बच्ची पिहू भी है।
मृतका का ससुराल डलमऊ थाना क्षेत्र के नाथखेड़ा गांव में है। मृतका के पिता गदागंज थाना क्षेत्र के इमिलिहा गांव निवासी राजाराम ने पुलिस को तहरीर देकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। प्रभारी निरीक्षक धनंजय सिंह ने बताया कि मृतका के पिता ने पुत्री की हत्या किए जाने की तहरीर दी है। उन्होंने किसी को नामजद नहीं किया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
नहीं रोका गया वेतन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगज के अधीक्षक डॉ. आरके चौरसिया ने बताया कि मृतका अर्चना संविदा पर एएनएम का करती थी। जिसका वेतन सीएमओ के यहां से निकलता था। किसी का भी वेतन रोका नहीं गया है। उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश कुमार यादव ने बताया कि घटना की सूचना उन्हें लालगंज के अधीक्षक ने दी है। किसी भी संविदा कर्मचारी का वेतन नहीं रुका है। वेतन का भुगतान हर महीने किया जा रहा है।