पुलिस ने आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। साथ ही मृतक की बाइक, खून से सने कपड़े और आलाकत्ल लाठी, जिससे पीट कर ध्रुव को मौत के घाट उतार दिया गया था, भी बरामद की है। एएसपी राममूरत यादव ने कोतवाली में घटना का खुलासा किया।
एएसपी ने बताया कि इंदिरा नगर निवासी अभिषेक द्विवेदी उर्फ संजू ने बीती 26 जनवरी को आचार्य द्विवेदी नगर के रहने वाले सुपरवाइजर की हत्या कर दी थी। बाद में अपने साथी मो. दिलावर निवासी सी-241 इंदिरा नगर के साथ उसके खून से सने कपड़े उतारे और झाड़ी में छिपा दिया। आरोपी सुपरवाइजर के शव को भी सई नदी में फेंकना चाहते थे, लेकिन कामयाब नहीं हुए।
घटना की छानबीन के दौरान मृतक और आरोपी के बीच दोस्ती का पता चला। दोनों के बीच रुपये के लेन-देन की भी जानकारी हुई। इसी आधार पर पूछताछ के लिए कोतवाल लक्ष्मीकांत मिश्र, एसएसआई रणजीत सिंह, एमएस खान और उनकी टीम ने गुरुवार को इंदिरा उद्यान से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो घटना का खुलासा हो गया। इस मौके पर सीओ सदर सुशील कुमार भी मौजूद रहे। एएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
10 साल बाद मिले थे दोनों दोस्त
एएसपी ने बताया कि आरोपी और मृतक दोनों एक साथ पढ़ते थे। बाद में ध्रुव नौकरी करने लगा और दोनों अलग हो गए। करीब 10 साल बाद पिछले दिसंबर महीने में दोनों की मुलाकात हुई थी। इसी दौरान सुपरवाइजर ध्रुव का किसी ऑटो चालक से विवाद हो गया था। ध्रुव, आरोपी से उस ऑटो चालक की पिटाई कराना चाहता था।
इसके लिए सुपरवाइजर ध्रुव ने अभिषेक को खूब खिलाया पिलाया था। रुपये भी दिए थे, लेकिन बाद में आरोपी ने ऑटो चालक को पीटने से मना कर दिया। इसे लेकर दोनों में मारपीट हो गई, जिसमें आरोपी सुपरवाइजर ध्रुव पर भारी पड़ गया।