पखरौली कांड के बाद शुक्रवार को दिन में गांव में तोड़फोड़ और तांडव करने के बाद पुलिस रात के अंधेरे में फिर गांव पहुंची और जमकर उत्पात मचाया। घरों में घुसकर तोड़फोड़ की गई। लोगों से अभद्रता और उन्हें धमकाया भी गया। पुलिस के खौफ से जहां कुछ लोग गांव से पलायन कर गए। वहीं जो हैं वह मुंह खोलने से कतरा रहे हैं।
पखरौली गांव में युवती के बयान को लेकर शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ था। ग्रामीणों और पुलिस में भिड़ंत हो गई थी। पुलिस ने जहां ग्रामीणों पर लाठियां भांजी थी। वहीं उग्र हुई भीड़ ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की थी। वाहनों में तोड़फोड़ के जवाब में पुलिस ने दिन में गांव में जमकर तांडव किया था।
घरों में घुस कर तोड़फोड़ की गई थी। बताते हैं कि इसके बाद कुछ घंटों तक सब कुछ शांत रहा। देर रात अचानक फोर्स फिर गांव पहुंची। इस बार पुरुष के साथ ही महिला पुलिसकर्मी भी शामिल की गई। पुलिसकर्मियों ने पूर्व प्रधान रमेश पासवान और प्रदीप चौरसिया समेत कई घरों में घुसकर कूलर, फ्रिज, बाइक समेत अन्य सामान तोड़ डाले।
घरों में मौजूद लोगों को न सिर्फ धमकाया और उनसे अभद्रता कर उनकी पिटाई भी की। पुलिस की इस दबंगई से गांव में दहशत का माहौल है। हालात यह हैं कि कुछ लोग तो गांव ही छोड़ कर भाग खड़े हुए, वहीं जो हैं भी वह मुंह खोलने से कतरा रहे हैं।
भाजपा नेता बृजेश सिंह ने पुलिस के तांडव पर नाराजगी जताई। कहा कि एसपी से मिलकर हकीकत बताई गई, इसके बाद भी ग्रामीणों का उत्पीड़न हो रहा है। पुलिस के तांडव से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। दलितों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा। यदि पुलिस का तांडव नहीं थमा, तो आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस की ओर से 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। कोतवाल ओपी यादव ने यह रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करके नामजद ग्रामीणों में अरविंद कुमार, देश कुमार, मनोज कुमार, बृजेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।