घटना क्षेत्र के सीतारामपुर मजरे भीरागोविंदपुर गांव की है। यहां का
शिवप्रकाश यादव (38) लालगंज कोतवाली में होमगार्ड था। पड़ोस की एक महिला से
उसके अवैध संबंध थे। महिला के घर वालों ने इसकी शिकायत नरपतगंज चौकी में
प्रार्थना पत्र देकर की थी। जिससे नरपतगंज चौकी के सिपाहियों ने शनिवार को
शिवप्रकाश को हिरासत में ले लिया था। लेकिन बाद में लेन-देन करके उसे छोड़
दिया। आरोपी को छोड़ने से महिला के परिवारीजन आक्रोशित हो गए और आरोपी को
गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग करने लगे। दबाव बनने पर रविवार को दिन में
10:30 बजे पुलिस होमगार्ड को गिरफ्तार करने उसके घर गई। दोबारा दबिश पड़ने
पर होमगार्ड दहशत में आ गया। वह पुलिस के सामने ही रस्सी लेकर निकला और
गांव से पांच सौ मीटर दूर आम के एक पेड़ पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
पहले तो पुलिस मामले को दबाने के लिए गांव में ही पंचनामा करने का दबाव
बनाने लगी। लेकिन मृतक के भाई जयप्रकाश यादव जो पुलिस में सिपाही हैं और
सीतापुर में तैनात हैं, ने और भाभी हेमलता ने थाने में पंचनामा भरकर शव का
पोस्टमार्टम कराए जाने को कहा। बड़ी हीलाहवाली के बाद पुलिस ने शव को
पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जयप्रकाश ने बताया कि उसके भाई की मौत पुलिस की
लापरवाही के चलते हुई। पहले ही पुलिस भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज देती तो
आज उसकी मौत न होती। यही नहीं पुलिस ने मौत के बाद भी आत्महत्या का कारण
तलाशने की कोशिश नहीं की। बहुत कहने सुनने पर शव का पीएम कराने को राजी
हुई। नरपतगंज पुलिस चौकी के प्रभारी राजपाल सिंह यादव मामले में दो दिन से
लीपापोती के फिराक में लगे रहे। भाई जयप्रकाश की जिद पर पुलिस को पीएम
कराना पड़ा। जयप्रकाश ने बताया कि वह पहले तो कोतवाली पुलिस से मामले की
जांच कराने की मांग करेगा। न्याय न मिला तो उच्चाधिकारियों से गुहार
लगाएगा। कोतवाल धनंजय सिंह ने बताया कि उन्हें मामले में का पता चला है।
पीएम के लिए शव भेजा गया है। उधर, एसपी मोहित गुप्ता ने बताया कि इस बाबत
उन्हें जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई
कराई जाएगी।