अमेठी जिले के शिवरतनगंज थानाक्षेत्र में गुरुवार की रात एक किसान पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया गया। उसका कसूर सिर्फ इतना था कि जमीन के विवाद का फैसला करने के दौरान उसने एक पक्ष के लोगों का समर्थन किया था। इस पर दूसरे पक्ष ने वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने चार हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इनमें से एक हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
शिवरतनगंज थानाक्षेत्र के इन्हौंना कस्बे के चिल्ला मोहल्ला निवासी शंकर (50) पुत्र पाले किसानी करता था। देर रात मोहल्ले के राजाराम और किशोरे के बीच जमीन को लेकर विवाद हो रहा था। बुलावे पर शंकर फैसला करने गया था। शंकर का कहना था कि जमीन राजाराम की है और वह इसको लेकर झूठ नहीं बोलेगा।
बस इतनी सी बात पर किशोरे समेत अन्य लोगों ने शंकर पर कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया। सिर समेत शरीर के अन्य हिस्से में कुल्हाड़ी से कई वार किए, जिससे वह खून से लथपथ हो गया। आनन-फानन में उसे सिंहपुर सीएचसी पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वारदात की जानकारी से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। ब्लॉक प्रमुख रंजीत सिंह समेत अन्य लोग घटनास्थल पर पहुंचे।
थानेदार दिनेश यादव ने फोर्स के साथ घटनास्थल का जायजा लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानेदार का कहना है कि दो पक्षों के भूमि विवाद का शंकर फैसला करने गया था। उसने एक पक्ष का समर्थन कर दिया था, जिससे दूसरे पक्ष ने उसकी हत्या कर दी।
इस मामले में किशोरे, रमेश, करमचंद्र, महेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इनमें से महेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। शंकर की हत्या से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। वजह शंकर ही परिवार में इकलौता कमाने वाला था।
अब परिवार का पेट कैसे भरेगा, यही सोचकर परिवारीजन रह-रहकर बिलख पड़ते हैं। वह अपने पीछे माता-पिता के अलावा दो बेटे सोनू, हंसराज और पत्नी जगराजा को छोड़ गया है। पति को याद करते जगराजा तेजी से बिलख पड़ती है।