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घर के अंदर मिली दलित किशोरी की जली लाश

Fri, 31 Mar 2017 11:38 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
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रायबरेली में शुक्रवार को सलोन कोतवाली क्षेत्र मेें किशोरी की मौत के मौके पर जांच करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह घर के अंदर आंगन में एक दलित किशोरी का शव जली अवस्था में मिलने से सनसनी फैल गई। उसने स्वयं आग लगाकर जान दी या फिर उसको किसी ने जलाया, इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका। हालांकि उसकी जीभ बाहर निकली थी।
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इससे पहले गला घोंटकर उसकी हत्या और फिर शव जला देने की आशंका जताई जा रही थी। पुलिस पीएम रिपोर्ट के बाद ही मौत की सही वजह सामने आने की बात कह रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया गया है।

कपूरीपुर गांव निवासी जगतपाल इलाहबाद में मजदूरी करता है, जबकि उसकी पत्नी नोखा देवी विंध्याचल दर्शन करने गई हैं। बड़ा बेटा आशीष कानपुर में नौकरी करता है। घटना के समय घर उसकी बेटी रीता (15) व भाभी, छोटी बेटी सीता थी। 
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जगतपाल के गांव में दो मकान है। रात में रीता ने भाभी निशा से दूसरे मकान में नहाने की बात कहकर गई थी। इसके बाद वापस लौटकर नहीं आई। सुबह घर के आंगन में रीता का शव जली अवस्था में मिला। मौका-ए-वारदात की स्थित कुछ और ही बयां कर रही है।

जिस जगह किशोरी का शव जला हुआ पाया गया, उसके चारों ओर लोगों के घर बने हुए हैं। अगर किशोरी आत्महत्या के लिए स्वयं केरोसिन उड़ेल कर आग लगाती तो चीख पुकार की आवाज ग्रामीण भी सुनते, लेकिन हुआ इसके बिल्कुल विपरीत। सुबह जब ग्रामीणों की आंख खुली तो उन्होंने अपने छत से किशोरी का जला हुआ शव देखा।

यही नहीं किशोरी की जीभ भी बाहर निकली हुई थीं, जिससे प्रतीत होता है कि किसी ने पहले उसकी गला घोंट कर हत्या की और फिर घटना को दूसरा रूप देने के लिए आग लगा कर जला दिया। एसपी अब्दुल हमीद, सीओ चरनजीत सिंह, कोतवाली प्रभारी संजय सिंह ने पहुंचकर घटना की जांच की।

एसपी ने पीड़ित परिवार व ग्रामीणों से पूछताछ की। एसपी का कहना है कि ये तो तय है कि किशोरी आग से जलकर मरी है, लेकिन उसे जला गया या स्वयं आग लगाई, यह जांच का विषय है। कोतवाली प्रभारी संजय सिंह का कहना है कि मृतक किशोरी के मामा छेदी लाल की रिपोर्ट पर प्रारंभिक सूचना दर्ज कर ली गई है।  पीएम रिपोर्ट आने के बाद घटना की वास्तविक स्थित से पर्दा उठ पाएगा।

जिस घर में उसकी लाश मिली उसका ताला भी आटोमेटिक है। उसमे चाभी लगाने की भी जरूरत नहीं। झटके से ताला खुलता है और आसानी से बंद भी हो जाता है। दरवाजा भी टूटा-फूटा था, जिससे कोई भी आराम से अंदर बाहर आ जा सकता है। यानी घटना को जिसने भी अंजाम दिया होगा, उसे सब कुछ पहले से पता था।

उधर, एक अलग मामले में हरचंदपुर क्षेत्र में शुक्रवार को छप्पर के नीचे सो रहा मासूम आग में जिंदा जल गया। जिस समय छप्पर में आग लगी, उस समय घर पर कोई नहीं था। मां नल पर कपडा़ धोने चली गई थी और पिता मजदूरी करने गया था। महिला जब तक मौके पर पहुंचती, उसके कलेजे के टुकड़े की मौत हो चुकी थी।

ग्रामीणों ने पहुंचकर आग को काबू कर लिया, वरना घर भी जल जाता। एसडीएम ने गांव पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पहाड़पुर कासो गांव निवासी महादेव शर्मा सुबह मजदूरी करने चला गया। घर पर उसकी पत्नी उर्मिला थी, जो दोपहर में नल पर कपड़ा धोने चली गई थी।

घर के बाहर छप्पर रखा था, जिस पर महादेव शर्मा का तीन वर्षीय बेटा शिवांशू सो रहा था। इसी दौरान अचानक छप्पर में आग लग गई। इससे छप्पर के नीचे सो रहे शिवांशू की आग में जिंदा जलकर मौत हो गई। आग की लपटें देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। जब तक आग को बुझाया जाता, तब तक शिवांशू इस दुनिया से दूर जा चुका था।

बेटे की मौैत की सूचना पर पिता महादेव समेत अन्य परिवारीजन घर पहुंचे। आग कैसे लगी, इसका कारण पता नहीं चल सका। संजय कुमार पासी, रमेश कुमार पासी, रामफेर आदि लोगों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। सूचना पर सदर एसडीएम निशा व हरचंदपुर थानेदार जेपी यादव फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

एसडीएम ने पीड़ित परिवार से बात की और नुकसान का जायजा लिया। एसडीएम ने गांव के कोटेदार से पीड़ित परिवार को राशन उपलब्ध कराने की बात कही। साथ ही सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिया। थानेदार का कहना है कि आग में जिंदा जलकर मासूम बच्चे की मौत हुई है। आग लगने की वजह के बारे में पड़ताल की जा रही है।
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